ओबीसी की समस्त जातियों को पृथक-पृथक जनगणना कराये जाने राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन

जबलपुर दर्पण। आज संयुक्त पिछड़ा वर्ग मोर्चा के तहत् समस्त ओ.बी.सी. संगठनों एवं ओ.बी.सी. में शामिल समस्त जातियों के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से जातिगत जनगणना कराये जाने की मांग को लेकर शहीद राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह की प्रतिमा स्थल पर सामूहिक बैठक की । तत्पश्चात् कलेक्टर कार्यालय के समक्ष सभी जातीय संगठनों ने उपस्थित होकर महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पिछड़े वर्ग की जातिगत जनगणना की मांग करते हुए बताया गया कि यह मांग पुरजोर तरीके से पूरे देश में चल रही है। और केन्द्र सरकार इस पर अपना स्पष्ट मत देने की बजाये मूक दर्शक है। इस पर रोष व्यक्त किया और विगत दिवस ओ.बी.सी. आंदोलनकारियों पर हुई लाठीचार्ज की घोर निंदा की। संयुक्त पिछड़ा वर्ग मोर्चा ज्ञापन में बताया कि वर्ष 1931 में अंग्रेजी शासनकाल के दौरान जातिगत जनगणना कराई गई थी और उसके शासन प्रशासन को सम्पूर्ण समाज के सर्वांगीय विकास हेतु आंकड़े लाभदायक सिद्ध हुए थे। उसी तारतम्य में इसकी आवश्यकता पुनः महसूस की जा रही है। इसलिए भविष्य में होने वाली जनगणना में ओबीसी की विभिन्न जातियों को वर्गीकृत करते हुए जनगणना करायी जानी चाहिए । ज्ञापन के पूर्व संपन्न हुई संयुक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार यह मांग तत्काल पूर्ण करे नहीं तो मोर्चा तीव्र निर्णायक आन्दोलन प्रारंभ करेगा। इस अवसर पर बैजनाथ कुशवाहा, रामरतन यादव, रामकिशोर शिवहरे, संजय सेन, हरिशंकर विश्वकर्मा, इंद्रकुमार पटेल, नोखेलाल प्रजापति, घनश्याम यादव, उमेश पटेल, पवन नामदेव, प्रेमचंद लोधी, जितेन्द्र यादव, केशलाल रजक, वीरेन्द्र यादव, रमेश रजक, विजय यादव, भगवानदास पटेल, परमानंद साहू, चन्द्रशेखकर नायकर, जगदीश प्रसाद यादव, नारायण श्रीवास, विनायक शाह, एड राजकुमार यादव, नरेश चक्रवर्ती, धर्मेन्द्र कुशवाहा, रामप्रकाश पटेल, श्रीमति ज्ञानवती वर्मा, संजीव राजन, चन्द्रभान बावरिया, नीलचंद यादव, विजय सोनी, विवेक पटेल, गयाप्रसाद कुशवाहा, देवकरन पटेल, राजाराम पटेल, राजराज पटेल, डॉ राजेन्द्र कुमार, सौरभ श्रीवास, सुरेन्द्र यादव, उदयभान साहू, सुभाष चौरसिया, प्रमोद चौरसिया, राजू प्रजापति, अनिल धनगर, रामकुमार यादव बड्डा, हीरालाल पटेल, दुर्गा बाबू प्रजापति, अनिल बारी, नरेश बारी, रामप्रसाद वर्मा, सुबोध रैकवार, रज्जन लखेरा, राजेश लखेरा, कन्हैया कोष्टा आदि उपस्थित रहे।



