सेवा से पुण्यार्जन सबसे उत्तम कार्य: गुलशन मखीजा

जबलपुर दर्पण। सनातन धर्म मे प्रत्येक दिवस को उत्सव के रूप मे मनाने का विधान है, राम मंदिर मे वर्षो से संगराद पर रामायण पाठ की परापंरा है। पुरातन परापंराओ को आगे बढाने के युवाओ को आगे आकर सीखना चाहिए, जिससे परापंराओ का निर्वाह अच्छी तरह से होता रहे। दरिद्र नारायण की सेवा भी प्रभु भक्ति का एक स्वरूप है, सेवा भाव से पुण्यार्जन करना चाहिए। उक्त उदगार श्री राम मंदिर मदन महल मे संगराद के पावन पर्व पर पं राम कुशल पाण्डेय, गुलशन मखीजा ने कहे। श्री रामायण जी के अखडं पाठ के समापन पर श्री राम जय राम जय जय राम का संकीर्तन गुणगान और प्रसाद वितरण हुआ, इस अवसर पर श्रीराम मंदिर मदनमहल के अध्यक्ष गुलशन मखीजा, रमेश शर्मा, गुरूदास मल शर्मा, मनोज नारंग , अनिल चंडोक, मनोज शर्मा ,मनीष पोपली, महिला मंडल की गीता पाण्डेय, मीना महाजन , संगीता शर्मा सहित श्रृध्दालुओ की उपस्थिति रही ।



