कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपायों पर चर्चा करने प्रशासन एवं चिकित्सा विशेषज्ञों की बैठक संपन्न

जबलपुर दर्पण। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकरणों के मद्देनजर कलेक्टर कार्यालय में संपन्न हुई। चिकित्सा विशेषज्ञों की बैठक में कोरोना की रोकथाम के अनुकूल व्यवहार को अपनाने लोगों को प्रेरित और जागरूक करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही कोरोना के संक्रमण के लक्षणों के प्रति भी लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता बताई गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना वायरस के नये वेरियेंट ओमिक्रॉन की संक्रामकता को देखते हुए कोरोना की दूसरी लहर की अपेक्षा लगभग दो गुने स्तर पर तैयारियां करनी होगी। यह बैठक कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। विशेषज्ञों ने बैठक में बताया कि ओमिक्रॉन वेरियेंट की डेल्टा वेरियेंट से चार से पांच गुना संक्रामक क्षमता को देखते हुए न केवल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को तैयार करना होगा बल्कि होमआइसोलेशन में रहने वाले मरीजों पर निगरानी एवं टेली कंसलटेशन के लिए ज्यादा संख्या में चिकित्सक एवं वर्क फोर्स को तैनात करना होगा।
हालांकि चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा कि कोरोना के नये वैरियेंट से संक्रमित मरीजों में से एक प्रतिशत के आसपास मरीजों के ही हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत पड़ने की संभावना है। इसके बावजूद इसे हमें लिहाज से ज्यादा सतर्कता बरतनी और हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना जरूरी है, क्योंकि एक ही दिन में दूसरी लहर के पीक के समय से कई गुना मरीज सामने आ सकते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक कोमारबिडिटी वाले मरीजों के लिए कोरोना का नया वैरियेंट ज्यादा घातक हो सकता है। विशेषज्ञों की राय थी कि तीसरी लहर में जिस तेजी से कोरोना प्रकरणों की संख्या बढ़ेगी उसी के अनुरूप इसका पीक भी बनेगा। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ रिजु बाफना, नगर निगम आयुक्त आशीष वशिष्ठ, अपर कलेक्टर राजेश बाथम, शेर सिंह मीणा एवं सुश्री विमलेश सिंह, स्मार्ट सिटी की सीईओ निधी सिंह राजपूत, संयुक्त कलेक्टर नम: शिवाय अरजरिया तथा स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी मौजूद थे।



