प्रसिध्दलेखक डॉ.भदन्त आनन्द कौसल्यायन के जन्म दिन मनाया

जबलपुर दर्पण। त्रिरत्न बुध्द विहार निर्भय नगर अधारताल में प्रसिध्दलेखक, चितंक, साहित्यकार डॉ.भदन्त आनन्द कौसल्यायन के जन्म दिन के अवसर पर धम्म प्रचारक अर्जून पाटिल ने मोमबत्ती एवं अगरबत्ती प्रज्वलित की। आयुष्मती पारमी पाटिल ने डॉ. भदन्त आनन्द कौसल्यायन के छायाचित्र पर माल्यपर्ण किया। आयुष्मती निर्मला पाटिल ने तथागत गौतम बुध्द एवं बोधिसत्व डॉ. बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर और डॉ.भदन्त आनन्द कौसल्यायन वन्दना की। धम्म प्रचार अर्जून पाटिल ने कौसल्यायन जी के बारे में बताया और कहा कि 1922 में सत्य गृह आन्दोलन में भाग लिया। डॉ.कौसल्यायन ने बौध्द वांडमय के अनेक ग्रन्थों का अध्ययन कर अनुवाद किया। उनका महापण्डित भदन्त राहुल साकृत्यायन, जगदीश कश्यप, धम्मनन्द शास्त्री के साथ लम्बे समय तक साथ रहा। बुध्द और उनका धम्म का अंग्रेजी से अनुवाद किया। और फिर वे श्रीलंका चले गये। भारत आकर 10 वर्ष तक राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के मंत्री के रूप में रहें। नागपुर दीक्षाभूमि से बौध्द धम्म का प्रचार करते रहे। धम्म सेवा मंडल-अर्जून पाटिल वीरेन्द्र बौध्द, पंकज मेश्राम, के. एस. झोडापे, अमित पाटिल, रमा झोडापे, पारमी पाटिल, पूणिमा बौध्द, निर्मला पाटिल, ललिता नन्देश्वर, ईश्वर पाटिल, छाया रायबोले, पंचशील मेश्राम, जया दिवेकर, उषा तेंदुलकर बौध्द विहार के सदस्य उपस्थित रहे।



