अध्यात्म/धर्म दर्पणजबलपुर दर्पणमध्य प्रदेशसिहोरा दर्पण

सहमति से श्रीकृष्ण ने रुकमणि का हरण किया

शिशुपाल बारात लेकर आया पर विवाह सम्पन्न नहीं हुआ

जबलपुर दर्पण/सिहोरा ब्यूरो। गोसलपुर के पास ग्राम बरखेरी, बुढ़ागर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में प्रवचनकर्ता व्यासनन्द जी महाराज ने रुक्मणि विवाह कथा प्रवचन किये। जिससे श्रोता भावविभोर हो कर झूम उठे। कथावाचक व्यासनन्द ने कहा की भगवान को सच्चे मन से पुकारते ही भगवान दौड़े चले आते हैं। वहीँ रुक्मणि विदर्भ देश के राजा भीष्मक की पुत्री थी। वह भगवान श्रीकृष्ण से अनन्य प्रेम करती थी। प्रभु श्रीकृष्ण भी रुक्मणी को अधिक चाहते थे, लेकिन रुक्मणि का भाई रुक्मणि का विवाह दुष्ट राजा शिशुपाल से करना चाहते थे। उसने ऐसा किया भी शिशुपाल से विवाह तय कर दिया। और शिशुपाल बारात लेकर आ गये। रुक्मणि ने श्रीकृष्ण को संदेश भिजवाया वहीँ रुक्मणि सहेलियों के साथ मंदिर पूजन करने के बहाने जाती हैं। वहां भगवान श्रीकृष्ण आए और रुक्मणि का हरण कर रथ में ले गए। भगवान श्री कृष्ण का प्रथम विवाह रुक्मणि के साथ हुआ। श्री कृष्ण रुक्मणी विवाह की कथा सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे और भगवान श्री कृष्ण की जयकारा लगाने लगे। पुराण स्थल पर भगवान श्री कृष्ण वा रुकमणी के विवाह की सुसज्जित पात्रों का जीवंत प्रस्तुतीकरण किया गया। श्रोताओं ने भगवान श्री कृष्ण व रुकमणी के पात्रों की पूजा अर्चना की व चरण भी पखारे।संगीत मंडल द्वारा धार्मिक व मंगलमय भजनों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान महिला,पुरुष बड़ी संख्या में भगवान श्री कृष्ण-रुकमणि व श्रीमद भागवत पुराण की और भगवान श्रीकृष्ण रुक्मणी की आरती की गई भक्तिमय के इस कार्यक्रम में दुबराज चौबे,बृजेश चौबे,भगवत तिवारी,राकेश व्यास,चंद्रिका प्रसाद व्यास,गिरानी श्रीपाल, ईश्वरी प्रसाद सोनी,कंधी सिंह ठाकुर,रोहिणी प्रसाद मिश्रा, माया बाई चौबे कुसुम व्यास,कमल गिरानी व्यास,सुषमा व्यास, सरस्वती शुक्ला,द्रोपती बाई, गुलाब बाई एवं गोदावरी ने भगवान की आराधना की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88