सूदखोर महादेव पहलवान के विरूद्ध एक और प्रकरण दर्ज

जबलपुर दर्पण। थाना लार्डंगंज मे रोजी ढिमोले उम्र 38 वर्ष निवासी यादव कालोनी ने रिपेार्ट दर्ज कराई कि उसके पति ललित सोनी ने व्यापारिक जरूरत के लिये 2 लाख रूपये सराफा निवासी प्रमेाद पाण्डे से तीन प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार जुलाई 2014 में लिये थे। लगभग 5 माह बाद प्रमोद पाण्डे ने अपनी दी हुयी उधार रकम वापस मंागते हुये महादेव अवस्थी नाम के व्यक्ति से मिलवाया और कहा कि ये 2 लाख रूपये महादेव अवस्थी का पैसा है जो ब्याज पर चलाता है इनसे बात कर लो, उसके बाद उसक पति ललित सोनी ने उनसे 2 लाख की रकम लौटाने के लिये 2 माह का समय मांगा तो महादेव अवस्थी ने उसकी पेत्रिक सम्पत्ति पर कब्जा मांगा और तीन प्रतिशत से पांच प्रतिशत प्रति मासिक व्याज बढ़ा दिया , उसके पति ने पेत्रक सम्पत्ति जो यादव कालेनी में है का कब्जा देने से मना किया तो उन्होने अपने भतीजे करन चौबे को प्रमोद पाण्डे के साथ उसकी दुकान जो कि इंदु काम्पलेस पर है को भेजकर दबाव बनाना शुरू कर दिया, उसके द्वारा महादेव अवस्थी एवं प्रमोद पाण्डे को कब्जा देने से मना करते हुये 2 लाख रूपये का इंतजाम कर उन्हें रकम वापस करने की बात हुयी , इसी बात को लेकर महादेव अवस्थी अपने साथी करन चौबे और अन्य साथी को आये दिन उसकी दुकान पर भेजते रहे जिससे हम लोग परेशान हो गये दिनांक 18-2-2015 को महादेव अवस्थी ने प्रमोद पाण्डे को भेजकर दबाव डलवाकर उसे और उसके पति को बुलवाया, विवश होकर परिवार को सुरक्षित रखने के लिये उनके बताये जगह पर गये जहां महादेव अवस्थी अपने साथी करन चौबे , प्रकाश चंद जैन, प्रमोद पाण्डे और गोविन्द प्रसाद के साथ थे और ये लोग दबाव डलवाकर उन्हौनें सम्पत्ति जो कि यादव कालोनी में है का विक्रय अनुबंध पत्र बनवाया, उसके पति ललित सोनी को उन्होंने वही पर रखा तथा उन्हौने अपनी बेटी लता अवस्थी से उसे रजिस्टार आफिस हाट बजार ले जाकर पेत्रक सम्पत्ति के विक्रय अनुबंध एवं अन्य दस्तावेजों मे उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी का दबाव देकर उससे हस्ताक्षर करवा लिये और महादेव अवस्थी की बेटी लता अवस्थी द्वारा हाट बजार ले जाकर रजिस्ट्रार के सामने अनुबंध पत्र कबूलवाया गया, उससे एक-एक लाख रूपये के 2 चैक दिये और जैसे ही उसके पति केा महादेव अवस्थी और उनके साथियों ने छोड़ा तो महादेव अवस्थी ने चैक केश करवाकर प्रमोद पाण्डे को 2 लाख रूपये दिलवा दिया और अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करवाने के बाद लगातार धमकी देकर दबाव बनाया गया कि 10 लाख रूपये मांगे जिन्हौंने उसे 6 लाख रूपये उसके खाते में ट्रांसफर किये जब वह उनकेा 6 लाख रूपये देने गयी तो महादेव अवस्थी ने स्वयं एवं अपनी बेटी के नाम से चैक लेने से मना कर दिया और गोविन्द प्रसाद के नाम से चैक देने को कहा उसके द्वारा मना करने पर पुनः सम्पत्ति दुकान एवं वाउण्ड्री वाल पर बुलडोजर चलाने की धमकी देकर लगातार दबाव बनाया गया तब उसने महादेव अवस्थी के कहे अनुसार गोविन्द्र प्रसाद के नाम पर 3-3 लाख रूपये के 2 चैक जो कि बेैंक आफ इंडिया की शाखा कमला नेहरू के बचत खाता के चेक लेकर दिनांक 22-1-2016 को चैक को उसके खाते से नगद केश करवा लिया और उसे कोई पावती नहीं दी , उसके बाद भी महादेव अवस्थी एवं महादेव अवस्थी के साथी लगातार रजिस्ट्री जप्त करवाना और परिवार में से किसी को भी जान से मारने की धमकी देते रहे , 23 माह तक लगातार ब्याज के रूप में लगभग 18 लाख रूपये महादेव अवस्थी को दे चुकी है, 2017 में उसकी पेत्रक सम्पत्ति का विक्रय अनुबंध निरस्त कराने के लिये औेर 25 लाख रूपये मांगने का दबाव बनाया गया, धमकियों और घटनाओं से वह और उसका परिवार इतना डरा हुआ है कि उसने अपने बेटे को चार साल से स्कूल नहीं भेजा है न ही पार्क और कोचिंग, क्योंकि करण चोबे एक बार उसके बेटे को उठवाने की धमकी दिया था। रिपोर्ट पर महादेव अवस्थी, प्रमोद पाण्डे, करन चौबे, लता अवस्थी, गोविंद प्रसाद, प्रकाशचंद जैन के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना मे लिया गया।



