संसार के प्रत्येक जीवात्मा मे परमात्मा का स्वरूप: भगतजी महाराज

जबलपुर दर्पण। परमात्मा का नाम मुख से निरंतर लेते रहने से प्रारब्ध और भविष्य के कंटको के साथ कष्टो का नाश हो जाता है। संसार के रचयिता को पहचानने मे मानव गलती कर सकता परंतु परमात्मा सभी का ध्यान रखता है। प्रकृति और संसार की समस्त जीवात्माओ मे श्रीकृष्ण का वास होता है। प्राकृतिक सौंदर्य को हानि पहुंचाने का अर्थ अपने ईश्वर स्वरूप की अवज्ञा है। घरती पर वृक्ष, पर्वत और नदी को प्रदूषित होनै से बचाना चहिए, उक्त भावुकतापूर्ण उदगार कथा व्यास पूज्य आचार्य श्री भगतजी महाराज ने करियापाथर मरघटाई मे श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह मे गोवर्धन पूजन, गिरिराज धरण प्रसंग मे कहे। श्री व्यास पीठ का पूजन लालमन गुप्ता, गोविंद, चंदन, ओमकार, श्रीमति राम बाई, पूनम, सुधा, मनीषा, पूजा, प्रीति सहित श्रृध्दालुओ ने किया। बांके बिहारी राधारानी की आरती राजकिशोर, सुनील कुमार ने की। श्रीपीठ, नवग्रह, वैदिक पूजन अर्चन पं पवन तिवारी सहित वैदिक आचार्यो ने संपन्न कराया। दिनांक 11 मार्च को श्रीकृष्ण रूकमणी विवाहोत्सव की मंगल कथा ठीक दोपहर 3 बजे करियापाथर मरघटाई मे संपन्न होगी।



