भगवा ध्वज हटाना, फिर लगवाना, कही भाजपा शासन प्रशासन की संगामित्ति तो नहीं ? : दिनेश यादव

जबलपुर दर्पण। शहर कांग्रेस नेता दिनेश यादव ने भाजपा शासन और प्रशासन के द्वारा नवरात्रि हिंदू पर्व पर बड़े फुआरे के भगवा ध्वज हटाए जाने और हिंदू संगठनों को भर त्योहार में विरोध प्रदर्शन का अवसर प्रदान करने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या धार्मिक भावना भड़काने की साजिश तो नही ? वर्षों से परंपरा अनुसार गैर भाजपा शासन के कार्यकाल से चैत माह की हिंदू वर्ष प्रारंभ पर नवरात्रि राम जन्म दिवस की उत्सव को लेकर भगवा ध्वज से शहर को सजाने की प्रथा चली आ रही है। कभी भी ऐसी स्थिति नही बनी, अब तो देश प्रदेश में भाजपा की सरकार हैं , हिन्दू वादी समर्थक सरकार हैं, कांग्रेस के शासन में तो ऐसा कभी नहीं हुआ, बहुत ही अजीब गरीब बात हैं। नवरात्रि का प्रथम दिन था सुबह से ही पूर्व की भांति सनातनधर्मी लोग पूजन सामग्री लेने बाजार आते रहे हैं तभी हिंदू संगठनों के द्वारा बिना सूचना व अनुमति के बड़े फुआरे के चारों तरफ चक्का जाम किया गया । छोटे छोटे दुकानदारों को व्यापार का नुकसान हुआ है और आम नागरिकों को अनेक परेशानियों का सामना करना पडा। यह समझ के बाहर है कि मध्य प्रदेश और देश में भाजपा की सरकार है। भाजपा के शासन प्रशासन के द्वारा भगवा ध्वज हटाने की कार्रवाई की गयी, फिर बाद में हिंदूवादी संगठनों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया और कलेक्टर और निगमायुक्त को हटाने की मांग की गई। प्रश्न खड़े होते हैं क्या भाजपा शासन प्रशासन ने जानबूझकर कर यह कृत्य किया है। पहले ध्वज को हटाना और प्रदर्शन करवाना और धार्मिक भावनाएं भड़काने का अवसर प्रदान करना। अब देखना यह है कि विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच के नेता अधिकारियों को हटाने की अड़िग रहते हैं या फिर किसी स्वार्थ के साथ समझौता करेंगे। या अधिकारियों को हटवाकर ही मानेंगे। या फिर हिंदू संगठन के नेता समझौता वादी की राजनीति कर हिन्दुओं के झूठे हिमायती बने रहेंगे।



