हरिनाम संकीर्तन मात्र से होती है वातावरण और मन की शुध्दि: डा स्वामी नरसिंह दास महाराज

जबलपुर दर्पण। मोह माया का बंधन, दैनिक जीवन की नित्य क्रियाओ के साथ भगवत भजन करने से भक्त पृथ्वी पर समस्त संसाधनो का सुख प्राप्त करता है। हरि नाम संकीर्तन से वातावरण मे सकारात्मक भाव के साथ आत्म तृप्ति प्राप्त होती है, वातावरण और मन के विचारो से मुक्ति मिल जाती है ।भगवान के शरणागत हो जाने से भक्त भी भगवन तुल्य हो जाते है।
श्रृध्दालुओ को भाव विभोर करने वाले उदगार कथा व्यास नरसिंहपीठाधीश्वर स्वामी डा नरसिंह दास महाराज ने नरसिंह मंदिर, कलौन शहपुरा के साकेत वासी मंहत स्वामी नंद किशोर दास महाराज की प्रथम पुण्य तिथि मे संत समागम, श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह के तृतीय दिवस पर व्यक्त किए। आज संत समागम मे स्वामी प्रेमदास त्यागी जी महाराज, संत सुरेंद्र दास महाराज (कटनी), नारायण स्वामी सहित संत वृंद विराजित रहे।
व्यास पीठ पूजन एस बी मिश्रा , हाकिम सिंह ठाकुर , गणेश साहू , मुन्ना पांडे, अमित जी जनपद उपाध्यक्ष, प्रवीण चतुर्वेदी,
ग्राम वसियो ने किया। वैदिक पूजन आचार्य श्रीकामता , आचार्य , आचार्य संजय शास्त्री ने संपन्न कराया। आज चतुर्थ श्रीमद्भागवत महापुराण कथा मे श्रीराम जन्म, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा ठीक 4 बजे प्रारंभ होगी।



