आरक्षित वर्गों के समान आयुसीमा में छूट प्रदान करे शिवराज सरकार

जबलपुर दर्पण। ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष श्री गौरव शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को 10% आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान किया है परंतु उसका पूर्ण लाभ इस व4ग को प्राप्त नही हो पा रहा है। देश के राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड जैसे अनेक राज्यों ने संविधान के अनुच्छेद 309 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर अन्य आरक्षित वर्गों के समान EWS वर्ग के बच्चों को प्रदेश की समस्त भर्ती परीक्षाओं आदि में आयुसीमा, शुल्क आदि में छूट प्रदान की है जबकि मप्र की शिवराज सरकार इस विषय पर उदासीनता दिखा रही है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। एक तरफ प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान जी अंत्योदय की बात करते है वहीं दूसरी ओर आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को न्याय देने के कार्य मे विलंब कर रहे है। वहीं उनकी ही पार्टी के मुखर नेता मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी एवं विधायक यशपालसिंह सिसोदिया EWS के विषय को लेकर महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके है वहीं सामान्य वर्ग कल्याण आयोग ने भी इस विषय पर सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। चूँकि अंतिम निर्णय शिवराज जी एवं मंत्रिमंडल को लेना है इसी वजह से मामला अधर पर लटका हुआ है। श्री शर्मा का कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रदेश में विंध्य, महाकौशल और ग्वालियर-चंबल अंचल के लाखों की संख्या में सवर्ण मतदाताओं को ध्यान में रख शीघ्र इस मामले में विचार कर निर्णय लेना चाहिए। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा द्वारा EWS को छूट प्रदान करने के संबंध में 2 माह पूर्व सामान्य वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष शिवकुमार चौबे को भी पत्र एवं ज्ञापन सौंपा जा चुका है और बहुत जल्द अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष केडी सोनकिया की अध्यक्षता में प्रतिनिधि मंडल इस विषय पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाला है।



