जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

भाजपा द्वारा आदिवासी विकास के नाम पर हो रहा छलावा

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश कांग्रेश कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि देश के गृहमंत्री से तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस बंटवाने के नाम पर भोपाल में इकट्ठा करने के कार्यक्रम को कांग्रेस ने तमाशा बताते हुए कहा कि यह बोनस का बंटवारा है या जनधन की लूट का नजारा।
प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि लगभग 67 करोड़ का बोनस बांटने के लिए तमाशे पर 15 से 20 करोड़ों से ज्यादा का खर्च किया गया। श्री कोष्टा ने कहा कि सरकार को जनता के पैसे की इस बेदर्द खर्ची का हिसाब देना चाहिए। 2020 का बोनस 2022 में बांटकर सरकार किस बात का उत्सव मना रही है?जबकि 160 करोड़ से ज्यादा वन समितियों का लाभांश वितरण लंबित है।हमने मांग की कि सरकार बताये कि लाभांश की राशि पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले आधी क्यों है?नगद लाभांश देने की कमलनाथ सरकार की व्यवस्था क्यों तोड़ी जा रही है?संग्रहण कम हुआ या आदिवासी संग्राहकों के हिस्से का लाभ कहीं अन्यत्र उपयोग हो रहा है। लघु वनोपजों के लाभांश में भी आदिवासियों को छला जा रहा है। जबलपुर में शंकर शाह रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस भोपाल में बिरसा मुंडा की जयंती और टटया मामा बलिदान दिवस में भाजपा ने केवल आदिवासी गौरव का बखान किया लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया भाजपा के 17 वर्षों के राज में आदिवासी दलितों महिलाओं और वंचितों पर अत्याचार बढ़े अपराधियों के हौसले बुलंद हैं कानून का डर खत्म हो गया है एनसीआरबी के आंकड़े के मुताबिक 2020 में आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के कुल मामले 2401 दर्ज किए गए जो 2019 के आंकड़े की तुलना में 25 ℅से ज्यादा रहे सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक देश में आदिवासियों पर सबसे अधिक अत्याचार मध्यप्रदेश में होता है आदिवासियों को सुविधा देने के मामले में मध्य प्रदेश सबसे फिसड्डी राज्य है कांग्रेस के समय की अधिकांश आदिवासी कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने का काम किया गया है भाजपा आदिवासी विकास के नाम पर छलावा करती है।

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