परिरूद्ध बंदियों के हितार्थ विधिक साक्षरता शिविर का हुआ आयोजन

जबलपुर दर्पण। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के तत्वाधान में मान्नीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती संगीता मदान, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उमाशंकर अग्रवाल, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी आलोक प्रताप सिंह, जिला विधिक सहायता अधिकारी मोहम्मद जिलानी, मिडियेटर शाहिद मोहम्मद तथा 64 विचाराधीन बंदियों (55 पुरूष$09 महिला) एवं 16 दण्डित पुरूष बंदी एवं 02 दण्डित महिला बंदी तथा जेल पैरालीगल वॉलेन्टियर्स सहित कुल 82 बंदियों की उपस्थिति में को बंदियों के हितार्थ केन्द्रीय जेल जबलपुर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कोविड-19 महामारी के मार्गदर्शी सिद्धांतो का पालन करते हुए किया गया। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की शयिका पर पुष्पांजली अर्पित की गई तथा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस वार्ड का अवलोकन किया गया। तदोपरांत मॉ सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर वंदना उपरांत शिविर का शुभारंभ किया गया। उप जेल अधीक्षक श्री मदन कमलेश द्वारा जेल में बंदियों की नियमित कार्यप्रणाली की जानकारी से अवगत कराया गया। मिडियेटर श्री शाहिद मोहम्मद द्वारा जेलों में बंदियों के सुधार पर बल दिया गया। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री मोहम्मद जिलानी द्वारा बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी दी गई। मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी आलोक प्रताप सिंह द्वारा बंदियों के विधिक अधिकारों की जानकारी दी गई। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री उमाशंकर अग्रवाल द्वारा बंदियों के संवैधानिक अधिकारों पर जोर दिया गया। शिविर का आयोजन सहायक जेल अधीक्षक रूपाली मिश्रा तथा जेल पैरालीगल वॉलेंटियर्स की उपस्थिति व सहयोग में सम्पन्न हुआ।



