जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जीआईएफ के अनिल शुक्ला की समर्पित सेवाएं हमेशा रहेंगी याद

जबलपुर दर्पण। अनिल शुक्ला आज ग्रे आयरन फ़ाउंड्री से रिटायर हो रहे हैं, अब इस बात को फिर से पढ़िए, अनिल शुक्ला, निजी सचिव व सह जन सम्पर्क अधिकारी आज 42 साल की शासकीय सेवा करने के बाद भारत सरकार रक्षा मंत्रालय के सुरक्षा संस्थान ग्रे आयरन फ़ाउंड्री (जीआईएफ)के राजभाषा कार्यालय के अधिकारी पद से रिटायर हो रहे हैं। 42 वर्ष की शासकीय सेवा, ये अपने आप में कितनी बड़ी बात और कितनी बड़ी उपलब्धि है इसे आप ऐसे समझिए कि अब इस पूरे संसार में कोई व्यक्ति 42 वर्ष की सेवा एक संस्थान में नहीं कर सकता। क्यूँकि अब कोई व्यक्ति उस उम्र से शासकीय सेवा नहीं शुरू कर सकता जिस उम्र से अनिल शुक्ला की ने शुरू की थी। इन 42 सालों में अनिल शुक्ला ने जीआईएफ के 25 में से 23 महाप्रबंधक महोदयों के अंडर में काम किया, तीसरे नम्बर के महाप्रबंधक श्री सी पी गुप्ता और वर्तमान में 25वें महाप्रबंधक श्री राजीव कुमार है, ऐसे उन्होंने न केवल 23 महाप्रबंधक देखे बल्कि उनकी सेवा काल में उन्होंने अपने महान देश के 12 सम्माननीय प्रधानमंत्रियों को देखने का सौभाग्य मिला है ।
उनके कार्यकाल में पृथ्वी ने सूरज के 42 बार चक्कर लगा लिए लेकिन अनिल शुक्ला जी वहीं रहे, और वो अपने कार्यालय में ऐसे रहे कि अब नगर वासियों और ख़ास तौर पर साहित्यक एवं पत्रकारिता जगत के लिए वो आयुध निर्माणियों का पर्याय बन गए। शहर के पत्रकार जगत में उनकी मृदभाषिता और सर्वप्रिय व्यावहारिकता के चर्चे गाहे बगाहे होते रहते हैं। इतने लम्बे कार्यकाल में शायद ही अनिल के कोई निंदक बने हों, शायद ही कोई उनसे कभी नाराज़ रहा हो हरदिल अजीज सबसे मधुर व्यवहार ये उनकी एक और बड़ी उपलब्धि रही है। जब भी किसी ने उन्हें मदद के लिए पुकारा अनिल शुक्ला को अगले ही क्षण अपना सम्बल और संकट मोचक बना हुआ पाया। जगदीश प्रसाद शुक्ला एवं भाग्यवती शुक्ला के छोटे सुपुत्र अपनी कार्य क्षमताओ, विवेकशीलता से हर कदम सफलता का वरण करते रहे आगे बढ़ते रहे । अनिल का राजभाषा हिंदी की विकास यात्रा में अभिनव योगदान, संकल्प ने ही उन्हें
राजभाषा के 4 अखिल भारतीय पुरस्कार सम्माननीय केंद्रीय मंत्रियों के कर कमलों से दिल्ली में प्रदान किये गये। जीआईएफ के सेवाकाल पूर्ण होने तक महाप्रबंधक महोदयों के कर कमलों से विभिन्न अवसरों पर लगभग 200 पुरस्कार पाने का सौभाग्य मिला । जीआईएफ की गृह पत्रिका चेतना के कुशल सम्पादक का दायित्व निभाते हुए सफल लेखन सम्पादन किया। राजभाषा विभाग का प्रभार पूरी लगन से कर श्रेष्ठ एवं मनमोहक मंच संचालक की बहुत अच्छी पहचान बनाई। जीआईएफ की प्रगति के प्रचार प्रसार के रूप में महाप्रबंधक महोदय ने सहायक जनसंपर्क अधिकारी का दायित्व सौंपा जिसे नगर प्रदेश एवं देश स्तर पर समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से निर्माणी गौरवशाली प्रगति का प्रचार प्रसार कर नाम रोशन किया । अनिल शुक्ला के आज इस सफल मुकाम पर पहुंचने में पूजनीय माता पिता परिवार जनों, जीआईएफ के अधिकारियों कर्मचारियों एवं मित्रों का बहुत ही बड़ा योगदान रहा है।
आज अनिल शुक्ला, अपनी ऐसी स्वर्णिम शासकीय सेवा से सेवानिवृत हो रहे हैं, उनके तमाम हितचिंतकों परिवार जन, रिस्तेदारों की ओर से उनके सुखद समृद्ध और सेहतमंद भविष्य की कामना करते है।

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