श्रीकृष्ण की लीलाये ही जीवन मे परमार्थ का संदेश : स्वामी नरसिंहदास

जबलपुर दर्पण। श्रीमद्भागवत के श्रवण से साधक के सप्त दिवसीय जीवन को सुखमय बनाने का मार्ग प्रशस्त करती है। श्रीकृष्ण ने लीलाओ से सदा परमार्थ करने का संदेश दिया है। जीवात्माओ को संसार सागर मे रहकर दूसरो के जन कल्याणार्थ कार्य करना चाहिए। निष्काम भाव से किया कार्य ही पुण्य कर्म है। जीवन चक्र मे प्रतिकूल गृहो को शांत और शमन करने जग कल्याणार्थ कर्म, हवन पूजन, दान और दरिद्र नारायण सेवा करते रहना चाहिए। उक्त उदगार मां नर्मदा तट ग्वारीघाट के देव सिध्द शनिधाम जबलपुर मे आयोजित शनि महायज्ञ, श्रीमद्भागवत महापुराण के पंचम दिवस श्री नंदोत्सव, श्रीकृष्ण बाल लीलाओ की व्याख्या मे पूज्य श्री नरसिंह पीठाधीश्वर स्वामी नरसिंह दास महाराज ने व्यास पीठ से कहे।
श्री व्यास पीठ श्रीमद्भागवत जी का पूजन आचार्य जगदेव महाराज, पं प्रदीप महाराज, कामता प्रसाद, अभय द्विवेदी , डा राजीव कुमार मिश्रा, आचार्य अनूप देव महाराज, संजय नाहतकर, अभिषेक मिश्रा,विध्येश भापकर, विष्णु पटेल, राजेन्द्र यादव, सत्यनारायण द्विवेदी, अनीश ,नीरज मिश्रा ,विवेक मिश्रा,कान्हा , ध्रुवनारायण, अजय रमेश तिवारी ,जगन्नाथ,रोहित त्रिपाठी ,अनूप देव शास्त्री ,प्रवीण चतुर्वेदी, संजय शास्त्री, आदि ने किया।



