बचा लो मेरा दामन, मैं गौर नदी हूं

जबलपुर दर्पण। गौर नदी के दामन को दूषित कर रही डेयरियों से निकली गंदगी का मामला इन दिनों ग्राम पंचायत सालीवाड़ा एवं नगर निगम के बीच में फसा हुआ है बताया जा रहा है कि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो नदी का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
अभी तक डेयरियों के गोबर से गौर नदी में प्रदूषण फैल रहा था लेकिन डेयरियों में दूध के उत्पाद तैयार करने के बाद निकलने वाले अपशिष्ट ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है डेयरियों के अपशिष्ट से इतनी तेज दुर्गंध आ रही है कि गौर नदी के पास 5 मिनट खड़े होना भी मुश्किल हो रहा है नदी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ रहा है लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जो चिंता का विषय है ।
ग्राम पंचायत सालीवाडा में डेयरियां बनाई गई हैं
जानकारों का कहना है कि ग्राम पंचायत सालीवाडा में डेयरियां बनाई गई है गर्मी का मौसम होने के कारण दूध से कई प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं दूध के उत्पाद तैयार करने के बाद अपशिष्ट को खुरजी नाले के जरिए गौर नदी में बहाया जा रहा है गौर नदी में अपशिष्ट बहने से तेज बदबू आ रही है इसके साथ ही गौर नदी का पानी हरा हो रहा है हालात यह हैं कि अब जानवर भी नदी का पानी नहीं पी रहे हैं इसके बाद भी ग्राम पंचायत सालीवाडा और नगर निगम के अधिकारी नदी में अपशिष्ट बहाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं ।
एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी
गौर नदी के पुल के शहर की तरफ का हिस्सा नगर निगम सीमा क्षेत्र में आता है। वहीं दूसरी तरफ डेयरियाँ ग्राम पंचायत सालीवाडा क्षेत्र में है डेयरियों से खुरजी नाले के जरिए गौर नदी में अवशिष्ट बहाया जा रहा है । क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और ग्राम पंचायत एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल कर कार्रवाई से बचने का प्रयास कर रहे हैं इसके कारण डेयरी संचालकों को नदी को प्रदूषित करने की खुली छूट मिली हुई है।
निरीक्षण कराया जाएगा
गौर नदी में मिल रहे डेयरियों के अपशिष्ट का निरीक्षण कराया जाएगा निरीक्षण के उपरांत अपशिष्ट फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी । (महेश कुमार कोरी)
अपर आयुक्त नगर निगम जबलपुर ।



