जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

एकाएक पेपरलैस बिजली बिल सीस्टम से उपभोक्ता त्रस्त – तरुण भनोत

जबलपुर दर्पण। एकाएक प्रदेश सरकार द्वारा बिजली बिलों को पेपरलैस करना प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए नासूर बन चुका हैं | सरकार को पेपरलैस बिजली बिल शुरू करने से पूर्व प्रायोगिक तौर पर इसकी शुरुआत किया जाना चाहिए था, ताकि पेपरलैस बिजली बिलों की संभावित रूप से आने वाली समस्याओं के समाधान का रास्ता निकाला जा सकता था और यदि पेपरलैस बिजली बिल का प्रयोग सफल होता, तब जाकर इस सीस्टम को शत-प्रतिशत लागू किया जाना चाहिए था | किन्तु, भाजपा और शिवराज सरकार में आमजनता से संबंधित सभी निर्णय अचानक और बिना सोचे-समझे ही लिए जाते रहे हैं ताकि बिजली बिल के नाम पर प्रदेश की आमजनता से अवैध वसूली की जा सके | सरकार के इस फ़ैसलें के कारण प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ता त्रस्त हैं | उक्त आरोप प्रदेश सरकार में पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरुण भनोत ने लगाया हैं |
श्री भनोत ने बताया कि एकाएक शासन द्वारा बिजली बिल की व्यवस्था को बदल दिया गया हैं, जिसका खामियाजा उन बिजली उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा हैं, जिनके पास मोबाईल पर बिजली बिल का मैसेज नहीं पहुंचा हैं | इससे भी ज्यादा तकलीफों का सामना उन लोगों को करना पड़ रहा हैं, जिनके बिल मनमानी रीडिंग से भेज दिए गए हैं | परेशान उपभोक्ता बिजली बिलों को सुधरवाने बिजली दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा हैं | उल्लेखनीय हैं कि जून माह से बिजली उपभोक्ताओं को पेपरलैस बिजली बिल देने का सिस्टम तैयार किया गया, लेकिन कई उपभोक्ताओं का मोबाईल नंबर अपडेट नहीं था | जिन उपभोक्ताओं के नंबर जुड़े थे, उनको मोबाईल पर बिल एसएमएस के माध्यम से भेज दिए गए | बहुत से ऐसे भी उपभोक्ता हैं, जिनके मीटर की रीडिंग कर ली गई हैं और उनके मोबाईल नंबर भी अपडेट हैं, फिर भी अबतक बिल मोबाईल पर नहीं पहुँच सका |
श्री भनोत ने बताया कि शासन द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के समस्या के निराकरण को लेकर टोल फ्री नंबर 1912 शुरू किया गया हैं, किन्तु जब बिजली बंद होने की शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती हैं तो बिल सुधारने की सूचना उपभोक्ताओं को कैसे मिल सकेगी | सरकार और विधुत कंपनियों से अपील की हैं कि पेपरलैस बिजली बिल सीस्टम को अनिवार्य रूप से शुरू करने के पूर्व इसमे आने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों के निराकरण हेतु प्रायोगिक तौर पर इस सिस्टम को लागू किया जाना चाहिए और समस्याओं के शत-प्रतिशत निराकरण के उपरांत ही पेपरलैस बिजली बिल सीस्टम को अनिवार्य रूप से लागू करने पर विचार किया जाना चाहिए।

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