निजीकरण हेतु संसद में रखे जा रहे इलेक्ट्रीसिटी बिल के विरोध में, राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय कार्य बहिष्कार आंदोलन संपन्न

जबलपुर दर्पण। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेंटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्पलॉईस एंड इन्जीनियर्स के आह्वान पर इलेक्ट्रीसिटी बिल 2022 के विरोध में एवं केंद्र स्तर पर चल रही पॉवर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में देश के लगभग 17 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर आज 8 अगस्त को एक दिन के लिए पूरे देश में कार्य बहिष्कार का आव्हान किया गया था, जिसके अंतर्गत मध्य प्रदेश में भी जबलपुर क्षेत्र एवं शक्ति भवन के विभिन्नम कार्यालयों के कार्यपालक निदेशक से लेकर चर्तुथ वर्ग तक के समस्त विद्युत कर्मियों ने पूरे जोश एवं समर्थन के साथ विद्युत कंपनियों के मुख्यालय शक्ति भवन गेट पर पहुंचकर भारी संख्या में प्रात: 10.00 से निरंतर असहयोग आंदोलन में भाग लिया तथा केंद्र सरकार द्वारा लाये जा रहे बिल के विरूद् अपना आक्रोश व्यक्त किया । इस अवसर पर विभिन्न वक्ता्ओं द्वारा केन्द्रीय विद्युत मंत्री के माध्यम से संसद में पेश किये जा रहे बिल को रोकने हेतु मांग की गई एवं इस बिल को संसद में जल्दबाजी में ना पारित कराने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की है । इसके अतिरिक्त समस्त वक्ताओं ने यह भी मांग की है कि इस बिल से संबंधित सभी बिजली उपभोक्ता, सभी मेजर स्टेकहोल्डर एवं समस्त बिजली कंपनियों से विस्तृत चर्चा की जाए उसके उपरांत ही यह बिल संसद पटल पर रखा जाए । ताकि इस बिल से किसी भी तरीके की आशंका का जन्म ना हो और इस बिल से संबंधित सभी वर्ग संतुष्ट हो। इस अवसर पर इं. हितेश तिवारी, इं. विकास शुक्ला, इं. मनोज तिवारी, इं. इमरान खान, सुरेश बी.बी पचौरी, अवधेश दिक्षित, इं. सौरभ सोनी, इं. सुरेश त्रिवेदी, इं. नेहा सिंह, इं. जेबा नसरीन, इं. रश्मि गुलाटी, इं. गरिमा सिंह, इं. प्रशांत भदोरिया, इं. इकबाल खान, इं. लक्ष्मण नामदेव, इं. अमित सक्सेना, इं. अभिषेक खटीक, इं. अमित हलदर, इं. अंबिकेश शुक्ला, इं. जितेंद्र तिवारी, इं. अजीत सिंह चौहान, इं. संग्राम सिंह, इं. अजय सिंह, इं. गौरव साहू समेत अन्य सभी अभियंता भारी संख्या में उपस्थित रहे।



