प्रदूषण मंडल एवं नगर निगम ने संयुक्त रूप से श्री गणेश मूर्तियों की औचक जॉंच

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश प्रदूषण मंडल जबलपुर एवं नगर निगम जबलपुर के संयुक्त दल के द्वारा गोरखपुर मुख्य बाजार में गणपति मूर्तियों के अस्थायी दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमे 18 दुकानों की औचक जांच करने पर पाया गया कि विक्रय हेतु उपलब्ध गणेश मूर्तियां मिट्टी से निर्मित पाई गई सभी दुकानदारों को समझाईश दी गई कि अपनी दुकानों में केवल मिट्टी की मूर्तियां ही बेची जायें, पी.ओ.पी. से बनी मूर्तियां प्रतिबंधित है, जिससे जल प्रदूषण होता है, पी.ओ.पी. से बनी मूर्तियां पानी में घुलनशील नहीं होती है। सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अनिल बारी ने बताया कि जबलपुर नगरीय सीमा में अन्य बाजार क्षेत्रों में यह कार्यवाही आज की गई है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर छोटी लाईन फाटक में राजू चकवर्ती, सोमवती चकवर्ती, अमन चक्रवर्ती, राहुल प्रजापति, नीतेश चक्रवर्ती, अमन प्रजापति, सुरेश चक्रवर्ती, धरमू चक्रवर्ती, विवेक चक्रवर्ती, राहुल चक्रवर्ती, रोहित सोनकर, मदन कुम्हार, प्रदीप चक्रवर्ती, राजेन्द्र चक्रवर्ती, संतोष चक्रवर्ती की दुकानों का निरीक्षण किया गया तथा प्लास्टर ऑफ पेरिस की बनी प्रतिबंधित मूतियों का विक्रय न करने की हिदायत दी गई। कार्यवाही के दौरान म.प्र. प्रदूषण मंण्डल से वैज्ञानिक डॉ. अजय खरे नगर निगम से सुपरवाईजर बालकृष्ण, महेन्द्र भाटिया, लक्ष्मी प्रसाद, राकेश धामन उपस्थित रहे।



