श्रीराम करते हैं जग का मंगल : रामजी भाई

जबलपुर दर्पण। भगवान श्री राम के पावन प्रांगण में चल रही श्री राम कथा के तृतीय दिवस श्रीधाम वृंदावन से पधारे सनातन परंपरा के मूर्धन्य विद्वान श्री राम कथा मर्मज्ञ पूज्य श्री रामजी भाई ने कहा भगवान श्री राम का जन्म और रामकथा का जन्म लोकमंगल के लिए है राम कथा जग मंगल करनी है कथा एक ऐसा विषय है जिसको ग्रहण करने से कल्याण होता है कथा कराने वाला कथा सुनाने वाला और कथा सुनने बाला भगवान श्री राम के कथा के संबंध में कहने से पहले गोस्वामी जी ने भगवान शिव का चरित्र सुनाएं जिनको शिवचरित्र में प्रीति नहीं है बे रामकथा की अधिकारी नही श्रद्धा पूर्वक सात्विक प्रेम के साथ जो भरोसा रख कर शिवचरित्र श्रवण करेगा उसी को रामकथा का अधिकारी माना है भगवान के चरित्र श्रवण करने से श्रद्धा बढ़ती है विश्वास बढ़ता है यह दोनों ही मंगल करने वाले भगवान कैलाशपति मां भवानी के साथ शिखर पर बैठते हैं और राम कथा चल पड़ती है भवानी श्रद्धा है श्रद्धा का जन्म गिरिकंदरा में होता है हिमाचल के यहां होता है मैना की कोख से होता है अहंकार की शून्यता से श्रद्धा का जन्म है और श्रद्धा गुरुमुखी होकर समस्त शुभ आचरण करते हुए तब करें तब शिव तत्व की प्राप्ति होती है और फिर श्रद्धा घनीभूत होकर विश्वास रूपी शिव तत्व के साथ संयोग पाकर छ मुखी शक्ति को जन्म देती है जो चाहो विकारों का नाश करने में समर्थ है जिनका नाम षडानन स्वामी है मालिन विकार नष्ट होने पर रामकथा का जन्म होता है एक ऐसी राम कथा जो जग मंगल का हेतु बनती है इस कलिकाल में समाज पतित हो रहा है वेदना और संवेदना समाप्त हो रही है स्वार्थ परायणता कपट धोखाधड़ी मिलावट चालाकी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही सत्य सदाचार परस्पर प्रेम शास्त्र अनुकूल आचरण समाप्त होता दिखाई देता है ऐसे में समाज को वेदमयी धर्ममयी भगवान की पावन कथा ही कवच है। श्री राम मंदिर समिति एवं श्रीराम मन्दिर महिला समिति आचार्य धीरेन्द्र पाण्डेय ,महेंद्र कुमार सेठी शोभा सेठी ,अजय धगट अंशुमाला धगट ,स्तुति शेलत अरुणा -अरुण ग्रोवर राशि- तन्मय शेलत् , श्री राम मंदिर समिति के सभी सदस्यगणों व अनेक श्रद्धालुओं ने आनंद और भाव में विभोर होकर श्री राम कथा का श्रवण किया।



