कटनी दर्पण

कलेक्टर ने सर्वेयर्स को खरीदी केंद्र के नोडल अधिकारी के साथ समन्वय से कार्य करने की दी हिदायत

कटनी जबलपुर दर्पण । कलेक्टर आशीष तिवारी ने धान उपार्जन वर्ष 2025-26 हेतु नियुक्त सर्वेयरों को उपार्जन केन्द्रों के नोडल अधिकारियों से समन्वय बनाकर धान का गुणवत्ता परीक्षण करने की हिदायत दी। सर्वेयर्स प्रतिदिन उपार्जन केन्द्र में समय पर पहुंचें, और सभी की गूगल लोकेशन से प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाय। कलेक्टर श्री तिवारी ने यह निर्देश मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में धान उपार्जन हेतु नियुक्त सर्वेयरों,समिति प्रबंधकों और उपार्जन केन्द्र के कंप्यूटर आपरेटर्स के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए दिये।इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, जिला आपूर्ति अधिकारी सज्‍जन सिंह परिहार, सहायक आयुक्त सहकारिता राजयशवर्धन कुरील, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला,जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम देवेन्द्र तिवारी, वेयरहाउस कारपोरेशन के जिला प्रबंधक सेंगर सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।कलेक्टर श्री तिवारी ने सर्वेयरों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों का विस्तृत विवरण संधारित करने हेतु जिला उपार्जन समिति को निर्देशित किया गया। इसके साथ ही कलेक्टर ने कम्प्यूटर ऑपरेटरों को सख्त हिदायत दी गई कि, कृषकों की उपज की तौल जिस क्रम में होती है, उसी क्रम में उनको पावती प्रदान करें एवं उनके उपज का परिदान करें।

कलेक्टर श्री तिवारी ने समिति प्रबंधकों को दो टूक लहजे में ताकीद किया की उपार्जन केन्द्रों में बाहरी धान की आवक और दलालों , व्यापारियों एवं बिचौलियों की सक्रियता को रोकने का कार्य सख्ती से करें।

कलेक्टर श्री तिवारी ने धान उपार्जन की गुणवत्ता हेतु नियुक्त आर बी एसोसियेट्स के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सर्वेयरों को उनके क्षेत्र और विकासखंड मुख्यालय में ही रुकने और ठहरने आदि का प्रबंध करें। ताकि उपार्जन केन्द्रों में उनकी सहज उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में संबंधितों को बख्शा नहीं जाएगा। इसलिए उपार्जन कार्य से संबंधित सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से कार्य करें।

जिला आपूर्ति अधिकारी एवं जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा उपार्जन केन्द्र के प्रभारियों एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों को उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा एवं उपार्जन हेतु आवश्यक सभी संसाधनों की उपलब्धता के सम्बंध में निर्देशित किया तथा भारत सरकार के पोर्टल PCSAP.IN पर उपार्जन केन्द्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी एवं फोटोग्राफ्स सही तरीके से अपलोड करने के सम्बंध में प्रशिक्षण दिया गया।, जिसके अनुसार भारत सरकार द्वारा उपार्जन केन्द्रों का श्रेणीकरण किया जाना है। भारतीय खाद्य निगम की मैनेजर गुणवत्ता दीपिका अवधिया ने सर्वेयर्स को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया। बताया गया कि उपार्जन केन्द्र में बिक्री के लिए आने वाली धान की सर्वेयर गुणवत्ता एप से गुणवत्ता परीक्षण करेंगे। इसके बाद सर्वेयर आनलाइन एप पर दर्ज करेगा। इसके बाद यह नागरिक आपूर्ति निगम के ई -उपार्जन पोर्टल पर दिखने लगेगा कि धान गुणवत्ता पूर्ण एफ ए क्यू श्रेणी की है।

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