“मंदिर में लूट की खुली छूट किसके आदेश से? — मैहर कलेक्टर जवाब दें!”

एएपी के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह का प्रशासन पर सीधा निशाना, खुली चुनौती
मैहर जबलपुर दर्पण । माँ शारदा मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा, पुजारियों की नियुक्ति, रोपवे संचालन तथा मंदिर व्यवस्थापन से जुड़े कई मामलों पर लगातार उठ रहे सवाल अब सीधे जिले के शीर्ष प्रशासनिक पद तक पहुँच गए हैं।
आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने कलेक्टर मैहर पर अब तक का सबसे कड़ा और सीधा हमला बोलते हुए पूछा कि “आखिर अनुसूचित देवस्थल और गर्भगृह में अघोषित पुजारियों को प्रवेश देकर भक्तों को लूट जैसी स्थिति पैदा करने की अनुमति किसने दी?”चांदी का छत्र, सोने की नथुनी तथा अन्य बहुमूल्य चढ़ावे की वस्तुओं पर उठे विवाद ने पूरे जिले का माहौल गरमा दिया है। सोशल मीडिया में प्रसारित वीडियो, फोटो और शिकायतों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी और सुस्त कार्रवाई ने लोगों में अविश्वास और आक्रोश दोनों को बढ़ाया है।पुष्पेंद्र सिंह ने इस मौन को “गंभीर रूप से संदिग्ध” बताया और इसे प्रशासनिक जिम्मेदारी से पलायन करार दिया।
उन्होंने कलेक्टर से सीधे प्रश्न किए—
“कौन-सा सत्ता पक्ष का नेता या बड़ा अधिकारी है, जिसके दबाव में पूरे मंदिर प्रबंधन को भ्रष्टाचार के केंद्र में धकेला जा रहा है?”
“क्या कलेक्टर अपनी कुर्सी सुरक्षित रखने के लिए संविधान को ताख पर रखकर टेबल के नीचे की राजनीति में शामिल हैं?”
इन सवालों ने कलेक्टर और प्रशासन दोनों को कठोर जवाबदेही के सामने खड़ा कर दिया है।
पुष्पेंद्र सिंह ने नवगठित जिले के कलेक्टर के कार्यकाल को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि— “यह मैहर का दुर्भाग्य है कि जिला बनने के बाद ऐसे कलेक्टर की पोस्टिंग हुई, जिनके कार्यकाल में न व्यवस्था बची है, न मर्यादा और न ही पारदर्शिता। मंदिर की पवित्रता धूमिल हो रही है और प्रशासन आँखें मूँदकर बैठा है। इससे मैहर की पहचान और अस्मिता को खतरा होने लगा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टर की निष्क्रियता ने जनता के प्रशासन पर विश्वास को लगभग समाप्त कर दिया है,“जो लोकतंत्र की हत्या की श्रेणी में आता है।”
उन्होंने सत्ता पक्ष के एक नेता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि
“सत्ता पक्ष केवल अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत लाभ में डूबा हुआ है। मैहर की बदहाली उन्हें दिखाई ही नहीं देती। शायद इसी कारण मंदिर में चल रही गड़बड़ियों पर दिए गए उनके संरक्षणात्मक और बिना तथ्य-नियमों को समझे दिए गए गैरजिम्मेदाराना बयान यह स्पष्ट करते हैं कि वे किसकी ओरदारी निभा रहे हैं।”
अंत में पुष्पेंद्र सिंह ने साफ चेतावनी दी—
“यदि कलेक्टर मैहर मंदिर में हो रही अवैध गतिविधियों का सच सार्वजनिक नहीं करते और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं करते, तो हम व्यापक ‘कलेक्टर हटाओ — मैहर बचाओ’ जनांदोलन शुरू करेंगे। इस बार मैहर चुप नहीं बैठेगा, क्योंकि यह उसके अस्तित्व और अस्मिता पर हमला है।”



