गज़ब जनपद की माया:सहायक लेखा अधिकारी के पिटारे से निकला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी वार्ड नंबर 75 में दो मंज़िला मकान

पाटन जनपद की मलाई नहीं छोड़ना चाह रहे वीपी सोनी
जबलपुर दर्पण पाटन ब्यूरो। जनपद पंचायत पाटन में बतौर सहायक लेखा अधिकारी पदस्थ वीपी सोनी जो पाटन जनपद की मलाई खाने के चक्कर में अपनी सीट छोड़ने एवं अन्य जनपंद में नौकरी करने तैयार नहीं ज्वाइनिंग तारीख से आज तारीख तक मात्र दो माह के लिए मझौली जनपद में चहल कदमी कर फिर जनपद में आकर जम गए और अपने आकाओं की दम पर शासन प्रशासन एवं जनता से चुने सरपंचों को ठेंगा दिखाकर रिश्वतखोरी की दुकान चला रहे है। संपत्ति की जांच में मीडिया को मिला दो मजिला मकान:- सहायक लेखा अधिकारी वीपी सोनी,बाबू जी की संपत्ति हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सुभाष नगर,महाराजपुर वार्ड नंबर 75 के पास खोजने में मीडिया को एक और सफलता मिल गई यहां भी डबल स्टोरी का मकान पाटन जनपद में किए गए भ्रष्टाचार की दम पर बना रखा था बाबू जी ने जो ऑनलाइन काम करने वालो को किराए पर दिया था लेकिन अभी मकान खाली करा लिया इस मकान की कीमत भी 45-50 लाख रुपए के आस पास होगी। सूत्रो का कहना है कि अभी और बेनामी संपत्ति का मालिक है वीपी सोनी, अब देखना होगा प्रशासन कब तक वर्षो से जमे अंगद पर कार्यवाही कर ट्रांसफर अन्य जगह करता है या फिर पाटन जनपद से ही बाबू जी रिटायरमेंट लेते है यह देखना भी दिलचप्स होगा।
पाटन से जबलपुर तक जोड़-तोड़ कर भिडाई तिकड़म:-सहायक लेखा अधिकारी ने अपनी स्वेच्छा से अन्य जगह ट्रांसफर करने का आवेदन दिया उसके बाद जनपद सदस्यों की बैठक में जनपद सदस्य कहते है यहां आपके जैसा होसियार ज्ञानी अधिकारी जब तक नहीं आता हमको आपको यहां से कही नहीं जाने देगे बस क्या था जिस खुबसूरती से स्क्रिप्ट लिखी गई थी वैसा ही सीन बैठक में चल रहा था। सूत्रों का कहना है कि पूरा खेल कमीशन खौरी का है। इसके राजदार नहीं चाहते ये कही अन्य जगह ट्रांसफर हो इसलिए यह तिकड़म लगाई है। और उसमें शायद कामयाब भी हो गए कुछ समय के लिए..!
ऐसा क्या है पाटन जनपद में कि वीपी सोनी पाटन छोड़ना नहीं चाहते :- सूत्र से मिली जानकारी अनुसार पुराने कालेज के पास पाटन जनपद की बेस कीमती जमीन पड़ी है जिसमें भूमाफियाओं की नजर थी वहा पर मल्टी नेशनल मार्केट बनाने के चक्कर में थे लेकिन समय ने करवट ली और जनपद अध्यक्ष कांग्रेस का बन गया जिसके कारण इनकी सारी पिलानिग धरी की धरी रह गई। यदि यह परियोजना आकर लेती तो यह सब कई करोड़ों का गोलमाल करके मालामाल हो जाते और अपने चहेतों को कोड़ियो के भाव में जनपद द्वारा निर्मित मार्केट देकर करोड़ों रूपये कमाने की सारी योजना फैल हो गई और चुनाव परिणाम के कारण इनके अरमानों पर पानी फिर गया। अब तिकड़मी टीम छोटे मोटे घोटाले करके अपना काम चला रही है। बाकी फैला रायता पाटन मझौली विधान सभा की जनता 2023 के विधान सभा चुनाव में समेट देगी..!
जब इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ डॉ सलोनी सिडाना से बात करने की कोशिस की गई लेकिन उनका मोबाईल रिसीव नहीं हुआ। वही जब अति.सीईओ मनोज सिंह से बात करने की कोशिश की गई तो उनका भी मोबाईल भी रिसीव नहीं हुआ आपको बताते चले कि मनोज सिंह साहब वही है जो पूर्व में पाटन जनपद सीईओ रह चुके है और सहायक लेखा अधिकारी से करीबी संबंध है जिसके कारण कही न कही बड़े अधिकारी इस पूरे प्रकरण में मैनेज हो रहे है। और जब पाटन सीईओ होगे तब मनोज सिंह साहब ने भी भ्रष्टाचार में लिप्त वी पी सोनी के साथ मलाई खाई होगी जब तो साहब बात करने राजी नहीं अब देखना होगा कब तक अंगद के जमे पाव शासन प्रशासन उखाड़ने में कामयाब होता है।


