लैंगिक उत्पीड़न ,जातिगत भेदभाव एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित आदिवासी महिला सहायक प्राध्याप
जबलपुर दर्पण। डॉ. लीला भलावी अतिरिक्त संचालक जबलपुर संभाग उच्च शिक्षा विभाग के संरक्षण में आरोपी मनोज कुमार कुशवाहा आदिवासी महिला सहायक प्राध्याप के साथ कर रहा लैंगिक उत्पीड़न जातिगत भेदभाव एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित। डॉ मनीषा कोल सहायक प्राध्यापक प्राणी शास्त्र ने बताया है कि डॉ मनोज कुमार कुशवाहा द्वारा लगातार अत्याचार किए जाने की वजह से उनका स्वास्थ्य दिन पर दिन बिगड़ता चला जा रहा है तथा उनके ऊपर आरोप सिद्ध होने के बाद भी उन्हें महाविद्यालय से पदभार से पृथक नहीं किया गया ना ही उनके निलंबन की कार्यवाही की गई l मामला यह है कि आरोपी मनोज कुमार कुशवाहा शासकीय महाविद्यालय मेहंदबानी जोकि जबलपुर संभाग के अंतर्गत आता है पर पदस्थ हैं जिनकी अनेकों शिकायत अतिरिक्त संचालक के कार्यालय पर की गई थी l किंतु फर्जी प्रतिवेदन बनाकर के लीपापोती कर दी गई, जबकि डॉ मनोज कुमार कुशवाहा के ऊपर एससी एसटी एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध है पीड़िता ने अतिरिक्त संचालक डॉ लीला भलावी को पत्र लिखकर मनोज कुमार कुशवाहा के निलंबन की मांग की थी ताकि उक्त अपराधी साथियों एवं सबूतों को प्रभावित न करें तथा विधि अनुरूप पीड़िता को न्याय मिल मिल सके मनोज कुमार कुशवाहा के ऊपर दिनांक 03/09/2022 को पुलिस थाना मेहंदबानी में अपराध क्रमांक 207/2022 दर्ज किया गया था जिस पर अभियोग पत्र धारा 294,506,एससी एसटी एक्ट मैं मामला दर्ज हुआ ऐसी दशा मैं आरोपी का अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है इस हालत है मनोज कुमार कुशवाहा को महाविद्यालय नियम के विपरीत पदस्थ रखा गया है l जबकि अभियोग पत्र दाखिल हो जाने के बाद मनोज कुमार कुशवाहा की सेवाएं मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3(1) के साथ-साथ नियम 3 (क) एवं 3 (क) (ग) प्रमाणित उल्लंघन है और उक्त नियम 3 (ख) अति अतिलंघन करके पीड़ित के महिला होने, आदिवासी पृष्ठभूमि एवं जाति को सार्वजनिक स्थल अर्थात महाविद्यालय प्रांगण की परिसीमा में उपस्थित व्यक्तियों के समक्ष गाली गुप्तार एवं अश्लील शब्दों का आचरण करके अपमानित किया है l ऐसी स्थिति में विधिक प्रावधानों के अनुसार डॉ मनोज कुशवाहा को कर्तव्यों से निर्मित करते हुए निलंबन की कार्यवाही तत्काल किया जाना चाहिए था किंतु परंतु ऐसी कार्यवाही नहीं की गई l मनोज कुमार कुशवाहा को डॉ. लीला भलावी का संरक्षण प्राप्त हो चुका है जिससे उनका मनोबल और साहस अपराधों की पुनरावृत्ति की ओर लगातार प्रयासरत है अतः सम्यक प्रावधानों के अनुसार डॉ मनोज कुशवाहा को पदीय कर्तव्यों से निर्मित करते हुए निलंबन किया जाना नियम अनुसार अति आवश्यक है l जिसके लिए मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियम 1966 के नियम का अनुपालन किया जाना विनम्र अपेक्षित है तथा इस संबंध में डॉ मनोज कुशवाहा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाना अति आवश्यक है सूत्रों से एवं दस्तावेजों से प्रमाणित होता है कि डॉ लीला भलावी डॉ मनोज कुशवाहा फर्जी गोपनीय प्रतिवेदन ओं को प्रमाणित करके मिथ्या जांच करवा कर के आरोपी मनोज कुशवाहा का लगातार संरक्षण कर रहे हैं l
यदि तत्काल 3 दिन के अंदर कार्यवाही नहीं की जाती है तो संघ जबलपुर संभाग में धरना प्रदर्शन और आंदोलन करेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी डॉ लीला भलावी अतिरिक्त संचालक जबलपुर संभाग उच्च शिक्षा विभाग की होगी l



