जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

संत अलॉएसियसस्कूल पोलीपाथर में प्राथमिक शालाका वार्षिक उत्सव समारोह

जबलपुर दर्पण। संत अलॉएसियसस्कूलपोलीपाथर में दिनांक 26 नवंबर 2022 को प्राथमिक शालाद्वारावार्षिक उत्सव समारोह का भव्य आयोजनकिया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि नगर निगम जबलपुर के महापौर श्री जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’जी कीधर्मपत्नी तथानरसिंह वार्ड की पूर्व पार्षदश्रीमतीयामिनी सिंहतथाविशिष्ट अतिथि के रूप में जबलपुर डायसिस के विकार जर्नल श्रद्धेय फादर अब्राहम टी को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम ठीक 4:00 बजे आरंभ हुआ।स्वागत भाषणएक ऐसा वक्तव्य है जो किसी भी कार्यक्रम की बैठक ,सभा,उत्सव की शुरुआत को दर्शाता है। इन्हीं भावनाओं को अपने शब्दों में पिरो कर कक्षा चौथीके छात्रराहुल राणा एवं कक्षा पांचवी के आदित्य ने स्वागत भाषण द्वारा समस्त सम्माननीय अतिथियों एवं अभिभावकों का स्वागत वंदन किया, तथा मुख्य अतिथि श्रीमती यामिनी सिंह, विशिष्ट अतिथि फादर अब्राहम टी एवं जबलपुरडायसिस के सचिव श्रद्धेय फादर सिबीजोसेफको छात्रा भव्यालालवानी,अहानागोस्वामीतथा छात्रअनुराग कनौजियानेस्वागत स्वरुपपौधाभेंटकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।इस वार्षिक उत्सव समारोह का शीर्षक‘केयर’ अर्थात ‘देखरेख’रखा गया। जिसके तहत विद्यार्थियों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
दीप प्रज्वलन हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाकर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।अलॉयशियन परिवार की इसी संस्कृति का निर्वहन करते हुएमुख्य अतिथि श्रीमती यामिनी सिंह, विशिष्ट अतिथि श्रद्धेय फादर अब्राहम टी,शाला प्रबंधक फादर एस. जी.विल्सन, शाला प्राचार्या श्रीमती सीमा टॉमी , शाला उपप्रचार्य श्री डेनिसपैट्रिक, कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती ऋचा दुआ एवं श्रीमती ज्योति टंडन ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम काशुभारंभकिया।गीत से प्रार्थना दुगनी होती है। परमेश्वर की प्रशंसा, स्तुति और गुणगान करते हुए हमारे नन्हें विद्यार्थियों ने प्रार्थना गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम इसीश्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए समस्त अतिथियों एवं अभिभावकों का स्वागत करने हेतु एक स्वागत नृत्य भी प्रस्तुत किया गया।
योग मनुष्य के मस्तिष्क और शरीर की एकता को संगठित करके मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से मानव जीवन को सुरक्षित करता है। इसी भाव को दर्शाते हुए नन्हें छात्रों ने योग से निरोग रहने का संदेश देते हुए योगा नृत्य प्रस्तुत किया।
आज के बदलते आधुनिक परिवेश में अपने परिवार के बुजुर्गों एवं बच्चों की देखभाल करना हमारा परम दायित्व है इसी भावना की झलक हिंदी नाटिकामें दिखाया गई।
पशु कोई चीज नहीं है, बल्कि जीवित जीव है। जो हमारी करुणा, सम्मान ,दोस्ती, सुरक्षा और समर्थन के योग्य है। बाल मन में जानवरों के प्रति इसी भाव को उत्पन्न करते हुएवन्यजीवों की सुरक्षापर आधारित नृत्य की प्रस्तुति दी गई।
प्रयास से बनता है विश्वास, विश्वास से जुड़ते कामयाबी के तार और इसी कामयाबी से इंसान में होता है, काबिलियत का आगाज।जिनकी मेहनत और निरंतर प्रयास से हमारे विद्यालय के प्रांगण को गौरवान्वित करने वालेप्रतिभागियों के हौसले और हिम्मत की दाद देते हुए विशिष्ट अतिथिश्रद्धेय फादर अब्राहम टीने 2021- 22 के शैक्षणिक सत्र में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। इसके पश्चात विशिष्ट अतिथि श्रद्धेय फादरअब्राहम टी ने अपने उद्बोधन में आज की शाम को बेहतर बनाने में योगदान देने के लिए स्कूल प्रबंधन का धन्यवाददिया एवं उन्हें बधाई देते हुए कहा कि समाज की उन्नति में सहायक बनें तथा देश की उन्नति में अपना सहयोग दें ।यह विद्यालय बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व के निर्माण में अपना योगदान निभा रहा है और हम सबइसके गवाह हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि द्वारा दिए गए अमूल्य समय ,प्रेरक विचारों से हमें अभिभूत कर अपना दायित्व निभाने पर शाला प्रबंधक फादर एस.जी. विल्सनने उन्हें सादर शालेय स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
भारतीयसंस्कृति भारत के विभिन्न प्रदेशों के लोक नृत्य में बसे साकार स्वरूप के दर्शन वउनकी सूक्ष्म अंतर आत्मा द्वारा पहचानी जाती है। भारत की संस्कृति नेसमस्त विश्व मेंइसी माध्यम से अपनी पहचान बनाई हैतथाहमारी संस्कृति की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है, यह सीख दी है।इसी संस्कृति की एक सुंदर झांकीविद्यालय के बाल कलाकारों ने नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया।
संपूर्ण प्रकृति एवं जीवन मानवता के आधार पर ही आगे बढ़ता है।यही नही मानवता पूरी इंसान प्रजाति पृथ्वी को ताकतवर भी बनाती है। इसी ताकत का एहसास कराते हुए विद्यार्थियों ने बाइबिल नाटिका में मानवता की रक्षा की शिक्षा दी ।
वार्षिक रिपोर्ट बीते हुए पूरे वर्ष के दौरान एक संगठन की गतिविधियों की गहन रिपोर्ट है।यह विद्यालय में वर्ष भर में हुई गतिविधियों के बारे में सूचना देती है।इसी विचारों के साथ हमारे विद्यालय की भी वार्षिक रिपोर्ट विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सीमा टॉमी के द्वारा प्रदान की गई। संगीत बहुत ही शक्तिशाली माध्यम है। यह वातावरण में एक सकारात्मक संदेश पहुंचातीहै। इसे प्रोत्साहन देते हुए विद्यालय के नन्हें बाल कलाकारों द्वारा संगीत वाद्य यंत्रों की जुगलबंदी के साथ सुमधुर गीतों के धुनों की प्रस्तुति दी गई।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए मुख्य अतिथियामिनी सिंहको मंच परअपने विचारों सेहमें अभिभूत करनेआमंत्रित किया गया।उन्होंनेअपने उद्बोधन में इन नन्हें छात्र-छात्राओं की प्रतिभा की सराहना की तथा उन्हें बधाई दी,तथा कार्यक्रम के स्तर को देखकर उन्होंने यह कहा कि यह विद्यालय विद्यार्थियों को स्तरीय शिक्षा प्रदान करता है।बच्चों के मंच परआत्मविश्वास के स्तर की तारीफ की और जबलपुर में अव्वल आने हेतु प्रेरित किया।इसकेसाथ ही अभिभावकोंका भी धन्यवाद किया कि उनका भी योगदान सराहनीय है।
इसकेपश्चात मुख्य अतिथि महोदया ने शाला के शैक्षणिक सत्र 2021-22 में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। शाला प्रबंधक फादर एस.जी. विल्सन ने मुख्य अतिथि की इस गरिमामय उपस्थिति के लिए कृतज्ञता स्वरूप उन्हें शालेय स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया।
वार्षिक उत्सव के इस शानदार आयोजन के लिए कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती ऋचा दुआ एवं श्रीमती ज्योति टंडन ने समस्त अतिथियों सहित शालेय परिवार का धन्यवाद कर अपना आभार प्रकट किया।
प्रकृति एक प्राकृतिक पर्यावरण है, जो हमारे आसपास है।हमारीरक्षा करतीहै, तथा हमारा पालन-पोषण करती है। यह हमें एक सुरक्षात्मक कवच प्रदान करती है। प्रकृति के साथ प्रेम एवं सुरक्षा का संदेश देते हुए विद्यालय के नन्हे कलाकारों ने कार्यक्रम के अंत में प्रकृति की सुरक्षा पर एक सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया।इसी के साथशालेय गान द्वारा इस भव्य वार्षिक उत्सव का समापन हुआ।
यह कार्यक्रम,कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती ऋचा दुआ एवं श्रीमती ज्योति टंडन के मार्गदर्शन में सकुशल संपन्न हुआ।

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