धान उपार्जन केंद्रों पर पल्लेदारी के नाम पर, किसानों के साथ हो रही लूट:प्रशासन मौन

जबलपुर दर्पण पाटन ब्यूरो। जिले की पाटन तहसील के धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों के साथ खुली लूट मची है। तहसील के लगभग सभी धान उपार्जन केन्द्रों पर तोल 42-4.5 कि.ग्रा.की जा रही है जो नियम विरुद्ध है। जबकि शासन के नियमानुसार किसान से एक बोरी में 40 कि.ग्रा.धान की खरीद होना चाहिये। बोरी का वजन 400 ग्राम एवं हल्का माइश्चर होने पर धान को अधिकत्तम 41 कि.ग्रा.की तोल होना चाहिए वही खरीदी केंद्रों के द्वारा तोल करने, बोरी की सिलाई, पल्लेदारी, एव वेयर हाउस में धान को अंदर रखने के नाम पर किसानों से प्रति कुंटल 30 रुपए की अवैध वसूली की जा रही है जो सीधे वेयर हाउस खरीदी केंद्रों के संचालक की जेब में जा रही है। जबकि शासन के द्वारा इन खरीदी केंद्रों को पल्लेदारी का भुगतान किया जाता है। इस खुली लूट के पैसों से सभी की जेब गर्म हो रही है और किसान लुटने के बाद भी हिम्मत न हारकर अगली फसल की बोनी की तैयारी में जुट जाता है। किसानों के हिमायती तो सभी संगठन के लोग बनते है लेकिन इस खुली लूट पर कोई भी संगठन आवाज उठाने तैयार नहीं ये सभी किसान हितेषी संगठन एवं राजनैतिक दल किसानों के नाम पर अपनी अपनी रोटियां सेंक रहे है। अब देखना दिलचस्प होगा कब तक प्रशासन नीद से जागता है। और धान उपार्जन केन्द्रों के द्वारा पल्लेदारी के नाम पर अवैध वसूली पर सक्त कार्यवाही कर किसानों को राहत दिलाता है..!



