जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

पेड़ के नीचे बैठ पढ़ रहे छात्र-छात्राएं

भवनविहीन शालाओं के प्रति जिम्मेदार मौन

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि संकुल केंद्र शासकीय हाई स्कूल डगडगाहिनोता के अंतर्गत आने वाली दो शालाएं यू जी इ एस पिंडरई और शासकीय प्राथमिक शाला रामपुर नक़टिया के छात्र और छात्राएं पेड़ के नीचे अध्यनन कर रहें हैं। पिंडरई में शाला भवन अति जर्ज़र अवस्था में हैं कभी भी हादसा हो सकता है इसलिए शाला प्रभारी बच्चों को पेड़ के नीचे भवन से दूर पढ़ा रहें हैँ। यहाँ पर उपयंत्री त्रिपाठी जी स्वयं जून और नवंबर में निरीक्षण करने आये थे एवं प्रतिवेदन बनाकर सक्षम अधिकारीयों को शायद दिया भी होगा।अचानक एक दिन शाला प्रभारी को जानकारी मिली की तकरीबन पौने दो लाख रूपये के करीब शाला के नाम स्वीकृत हुए हैँ।सभी बहुत प्रसन्न हुए पर ये ख़ुशी तब काफूर हो गयी जब उन्हें मालूम पढ़ा कि ये राशि शौचालय मद की है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि प्राथमिक शाला रामपुर नक़टिया का शाला भवन जमींदोंज हो चुका है केवल एक कमरे में या पेड़ के नीचे खुले मैदान में सारी कक्षाओं के बच्चे बैठकर विगत लगभग साल भर से पढ़ रहे हैँ। उसी कमरे में सामग्री भी भरी पड़ी हैँ। यहाँ का भी निरीक्षण परीक्षण सब दो चार बार हो चुका। सारी प्रगति सारी कवायद कागजों पर हैँ।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि दुर्दशा का आलम हैँ नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। अभी शीत लहर और अति ठण्ड का आगमन होना बाकी है परन्तु जिम्मेदार मौन है। कई बार समाचार पत्रों में फोटो सहित खबर छपने के बाद भी जिम्मेदारों के कानों में जुँ तक नहीं रेंगी।एक दूसरे पर कार्य थोपते रहे।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण परीक्षण के लिए उपयंत्री के अलावा जनशिक्षक, बी. ऐ. सी.,ए. पी. सी.,बी. आर. सी., डी. पी. सी., डी. ई. ऒ., सी.ई.ऒ., कलेक्टर साहब,कमिश्नर साहब ना जाने कितने सक्षम अधिकारी हैँ क्या ये सभी आदरणीय समाचार पत्र नहीं पढ़ते..? क्या इनके संज्ञान में बिना ज्ञापन दिए स्वयं से संज्ञान लेने की कोर्ट जैसी सर्वोत्तम कार्यप्रणाली नहीं हैँ..? गंभीर चिंतनीय विषय है।
मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि प्रत्येक कार्य की तय समय सीमा होती है और फिर जब मामला संगीन और बच्चे बच्चीयों से जुडा हो तो इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है।
मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संगठन के भोगीराम चौकसे,नरेंद्र उइके,जी आर झारिया,आसाराम झारिया,भास्कर गुप्ता,नितिन तिवारी, विश्वनाथ सिंह,समर सिंह,ऋषि पाठक, अजब सिंह, इमरत सेन, कमलारानी, संध्या सोनी, अनुराधा नामदेव, ममता पटेल, लोकराम पुत्ते, मनीष उपाध्याय, विजय सिंह, रुपनारायण, शकुंतला प्रधान, पल्ल्वी स्वामी, सिया पटेल, अमिता कौर,अर्चना भट्ट, प्रेमवती सोयाम,अंजनी उपाध्याय, त्रिलोक सिंह,आलोक पटेल, इंद्र पाण्डेय, वीरेंद्र दुबे, कमल यादव,ज्ञान सिंह, अरविन्द श्रीवास्तव,मोहन पारधी, प्रमोद चौबे,आदि ने शीघ्र अतिशीघ्र इस अति आवश्यक विषय पर निर्णय लेने को कहा है।

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