जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

विधानसभा में गूंजेगा छात्रों को छात्रवृत्ति से वंचित रखे जाने का मामला : तरुण भनोत

सरकार द्वारा ग्रेजुएट, अंडर ग्रेजुएट और मास्टर डिग्री के पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति नही दिये जाने से पूर्व वित्त मंत्री ने जताया आक्रोश

जबलपुर दर्पण। प्रदेश की भाजपा सरकार के पिछले 18 वर्षों के कार्यकाल मे प्रदेश मे शिक्षा व्यवस्था की हालत रसातल मे जा चुकी है और इसी वर्ष सरकार के सर्व शिक्षा अभियान के पोर्टल पर यह जानकारी दी गई कि कोरोना महामारी काल के दौरान महज़ दो वर्षों से भी कम समय मे प्रदेश के 13 लाख से अधिक छात्र-छात्रायें स्कूल त्याग चुके है । यह प्रदेश की भाजपा सरकार की शिक्षा क्षेत्र मे व्याप्त भ्रष्टाचार और विफलताओं का जीवंत उदाहरण है कि महज़ एक महामारी की चोट से प्रदेश के लाखों छात्रों को एक झटके में स्कूल-कॉलेज त्यागने पर मजबूर होना पड़ रहा है । प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े एवं आरक्षित वर्ग के पात्र छात्र-छात्राओं को शासन द्वारा छात्रवृत्ति अभी तक नही दिया गया है, जिससे उनके सामने आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं मे फीस जमा न करने की स्थिति मे कॉलेजों द्वारा वंचित रखे जाने का ख़तरा है । उक्त आरोप प्रदेश सरकार मे पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरुण भनोत ने आरक्षित वर्ग के छात्रों की शिकायत पर प्रदेश की भाजपा सरकार पर लगाया है ।
श्री भनोत ने बताया कि प्रदेश मे अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के ग्रेजुएट, अंडर ग्रेजुएट एवं मास्टर डिग्री के पात्र छात्र-छात्राओं को शासन द्वारा छात्रवृत्ति दी जाती है, जिसका भुगतान प्रत्येक वर्ष में अक्टूबर-नवंबर माह तक कर दिया जाता है ताकि उसके बाद कॉलेजों मे होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं मे उन छात्रों को परीक्षा मे बैठने की अनुमति दी जाती है, किंतु दुर्भाग्यवश उक्त छात्रवृति का भुगतान दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक भी नही किया गया है । यदि सरकार समयावधि मे आरक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृति का भुगतान नही करती तो ऐसे छात्र-छात्राओं को फ़ीस भुगतान न करने की स्थिति मे कॉलेजों द्वारा सेमेस्टर परीक्षाओं मे भाग लेने से वंचित रखा जा सकता है ।
श्री भनोत ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश के जनजातियों के साथ छल कर रही है । जनजाति गौरव दिवस के नाम पर जनजातियों के बुनियादी ज़रूरतों के करोड़ों रुपये के बजट को अपना चेहरा चमकाने पर खर्च कर रही है, किंतु अनुसूचित जाति और जनजातियों के शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए निर्धारित बजट भी समय पर उनपर खर्च करने में कोताही बरत रही है जो प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा समाज के ग़रीब और वंचित वर्गों के अधिकारों के साथ उनकी संवेदनहीनता को दर्शाती है । उन्होंने सरकार से अपील की है कि पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का भुगतान यथाशीघ्र करें ताकि किसी भी छात्र को सेमेस्टर परीक्षाओं से वंचित न होना पड़ें अन्यथा समाज के ग़रीब और वंचित छात्रों की इस बुनियादी माँग और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आगामी विधानसभा सत्र मे भी इस मामले को बुलंद करने के प्रति उन्होंने प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है।

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