जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

नैनो यूरिया कृषि क्षेत्र में एक नई लाभप्रद तकनीक- डॉ. जी. के. कौतू

जनेकृविवि में इफको का उर्वरक विक्रेता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

जबलपुर दर्पण। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के प्रांगण में नैनो यूरिया की बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु एक उर्वरक विक्रेता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन इफको द्वारा इंडियन पोटास लिमिटेड (आईपीएल) के सहयोग से किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. जी. के. कौतू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, नैनो तकनीक कृषि के क्षेत्र में एक नई व बड़ी लाभप्रद तकनीक है जो के किसानों को वह हमारे देश को बहुत ही लाभप्रद परिणाम देने वाली है। एक लंबे समय के अनुसंधान के पश्चात नैनो तकनीक को हमारे देश के वैज्ञानिकों ने विभिन्न स्तर पर परीक्षण के पश्चात किसानों के उपयोग के लिए जारी किया है। यदि किसान भाई सही समय पर सही विधि से नैनो यूरिया उर्वरक का उपयोग करें तो आगामी समय में यह तकनीक हमारे देश के किसानों के लिए बहुत उपयोगी एवं मील का पत्थर साबित होगी।
कार्यक्रम में जबलपुर कटनी एवं मंडला जिले के आईपीएल के उर्वरक विक्रेताओं ने भाग लिया, कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. तरनेंदु सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को इफको द्वारा विकसित नैनो यूरिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इफको द्वारा नैनो यूरिया के अतिरिक्त नैनो डीएपी भी अति शीघ्र किसानों के उपयोग के लिए आने वाली है जिससे उर्वरक क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी। कार्यक्रम में आईपीएल के रीजनल मैनेजर श्री नितेश शर्मा ने वर्तमान समय में रिटेलर को अधिक से अधिक नैनो यूरिया किसानों को बेचने के लिए प्रेरित किया साथ ही यह भी कहा कि वे पहले इस तकनीक का उपयोग करना सीखें। इसके तत्पश्चात अपने ग्राहकों यानी किसानों को नैनो यूरिया की उपयोग विधि अन्य सावधानियों के बारे में बता कर संतुष्ट करें। नैनो यूरिया के उपयोग से किसानों को संग्रहण परिवहन में आसानी होती है तो साथ ही इसके प्रयोग से पर्यावरण भी प्रदूषित नहीं होता है। मृदा वैज्ञानिक डॉ. शेखर सिंह बघेल, वरिष्ट वैज्ञानिक ने बताया कि गेहूं में 20-25 दिन बाद प्रथम यूरिया के छिड़काव आधा एवं नैनो यूरिया का 2 बार 20 दिनों के अंतराल में छिड़काव करें तो अच्छा रिजल्ट प्राप्त होंगे।
इफको के मुख्य प्रबंधक विपणन आर.के.एस. राठौर ने प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि नैनो तकनीक कृषि के क्षेत्र में नई तकनीक है, अतः इसको स्थापित होने में कुछ परेशानियां एवं शंका संभव है। अतः हम सभी अपने क्षेत्र के किसानों को अपने स्तर से इसके बारे में सही जानकारी समझा कर नैनो यूरिया के प्रयोग को प्रोत्साहित करने का प्रयास करें। कार्यक्रम में श्री वरूण शिवहरे, सहायक प्रबंधक आईपीएल ने नैनो उर्वरक का बेहतर लाभ लेने हेतु फसल की सही समय पर डालने की बात कही।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन श्री राजेश कुमार मिश्रा, मुख्य प्रबंधक इफको, सागर पाटीदार, क्षेत्रीय अधिकारी इफको द्वारा किया गया।

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