श्री राम के चरित्र से होगा व्यक्तित्व निर्माण : आचार्य अभिनेष

जबलपुर दर्पण। भगवान श्री राम का जीवन धर्म और आचरण का पर्याय है।इसलिए श्री राम जी को साक्षात धर्म का अवतार कहा जाता है।समझा जीवन की अनेक मर्यादाओं को प्रतिष्ठित करने के लिए ही भगवान का अवतार होता है ऐसे उद्गार शांतम प्रज्ञा आश्रम नशा मुक्ति,मनो आरोग्य, दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में आयोजित श्री कथा के प्रथम दिवस आचार्य अभिनेष ने व्यक्त किए।नशा मुक्ति का संकल्प लेकर इस आश्रम में उपचार ले रहे मरीजों को सत्संग से जोड़ने के लिए तीन दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन चल रहा है। भगवान श्री राम के जन्म की भूमिका तथा हनुमान जी महाराज की भक्ति भावना को व्यक्त करने वाली प्रवचनों के दौरान आज की कथा का प्रारंभ हुआ। आचार्य अभिनेष ने मानस प्रसंग में बताया कि किस प्रकार भगवान श्री राम का सम्पूर्ण जीवन संघर्ष मय रहा लेकिन कभी भी उन्होंने अपनी मर्यादा नहीं तोड़ी और मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। इसलिए आज भी भगवान श्री राम का सम्पूर्ण व्यवक्तित्व प्रासंगिक है। व्यक्ति,परिवार ,समाज और राष्ट्र को मार्गदर्शन करने में भगवान श्री राम का सम्पूर्ण जीवन हमारे ऋषियों हमारे समक्ष बड़ी सरलता से रखा जिनके हम आभारी है।
इस अवसर पर कथावाचक आचार्य पंडित अभिनेष जी, शांतम प्रज्ञा आश्रम के संचालक मुकेश कुमार सेन, संतोष अहिरवार,सुनील पटेल ,चंचल गौतम, अजय सोनी आदि उपस्थित रहे।



