आनंदेश्वर कंपनी का ठेका निरस्त होते ही हिनौता और बंसिया पुलिस की बल्ले-बल्ले

आनंदेश्वर कंपनी का ठेका निरस्त हो चुका है, और इसकी भनक पहले ही सभी को लग गई थी,और उसके बाद ही हिनौता और बंसिया थानेदारों ने पहले से ही अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन को संरक्षण देने शुरू कर दिया था,और स्थानीय लोगों की मानें तो अब इन दोनों थानों में अवैध उत्खनन के लिए पर ट्रक शुल्क निर्धारित कर दिया गया है ,और यह पर ट्रक के लिए 3 हजार और टैक्टर के लिए 10 हजार मंथली बताया जा रहा है,हम इन आरोपों की पुष्टि नहीं करते, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों थानों से लगभग 50-50 ट्रक और 30 से 40 ट्रैक्टर रोजाना ही भर रहे हैं,और बीच केन नदी से रेत यहां पर निकाली जा रही है,जो नियमों के बिल्कुल विरुद्ध है,क्योंकि अभी ना तो रेत का उत्खनन और परिवहन करने की कोई परमिशन है,लेकिन रेत माफियाओं द्वारा पुलिस को साध कर यह कारनामा किया जा रहा है,और पुलिस को ना ही सत्ता पक्ष और ना ही अपने अधिकारियों का कोई डर नहीं दिखाई दे रहा है,यहाँ तक कि यह संसदीय क्षेत्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा का क्षेत्र है और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लगातार यह कहा जा रहा है कि रेत माफियाओं को अवैध रेत का उत्खनन नहीं करने दिया जाएगा,लेकिन इसके बावजूद भी सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा के क्षेत्र में रेत का अवैध जारी है,बात करें हिनौता की तो यहां पर हथौहा पल के पास पिछले 15 दिनों से अवैध खनन जोरों पर है, जिसके वीडियो भी सामने आ चुके हैं, वहीं बंसिया थाने में भी लगातार रेत का अवैध खनन जारी है,और अधिकारी भी इन वीडियो आने के बाद भी मूकदर्शक बने हुए हैं,जब कभी खनिज विभाग की टीम यहां पर जाती है तो रेत माफियाओं को पुलिस द्वारा पहले से ही सूचना दी जाती है,ऐसे आरोप स्थानीय लोगो के है, और खनिज विभाग के हाथ खाली रहते हैं,ठेकेदार के जाने के बाद अब साफ दिख रहा है कि पुलिस संरक्षण में अवैध उत्खनन जोरों पर शुरू हो चुका है,और स्थानीय लोग खासे नाराज हैं,क्योंकि उनकी सड़के ओवरलोडिंग की वजह से खराब हो रही हैं,जीवनदायिनी नदी का अस्तित्व खतरे में है,और उन जगहों पर अवैध खनन जारी है जहां नहीं होना चाहिए, पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है, लेकिन अधिकारियों के कानों में जूं नहीं रेंग रही,वही विपक्ष भी इस मामले में आगे आने से बचता दिख रहा है,और अवैध खनन पर चुप्पी साधे हुए हैं।



