दो दिवसीय हड़ताल लटके रहे ताले

जबलपुर दर्पण। बैंक ऑफ महाराष्ट्र मे समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों द्वारा यूनाइटेड फोरम ऑफ महाबैंक यूनियन के आव्हान पर दूसरे दिन 10 फरवरी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ महाबैंक यूनियन के आव्हान पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के उच्च प्रबंधन की तानाशाही पूर्ण रवैये एवं अड़ियल रुख के विरोध में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में परिचालित समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों द्वारा 9 फरवरी की हड़ताल की शत प्रतिशत सफलता के उपरांत द्वितीय चरण में शुक्रवार को अखिल भारतीय हड़ताल 4 मुद्दों एवं मांग, सभी संवर्गों, अधिकारी, लिपिक, सब स्टाफ, पीटीएस में पर्याप्त भर्ती, वर्क लाइफ बैलेंस, आई आर एवं एचआर पॉलिसी में द्विपक्षीय नीति बहाल करने एवं मनमानी पूर्ण किए गए कार्यपालको, अधिकारियों, लिपिकों के स्थानांतरण के विरोध पर जोरदार प्रदर्शन किया गया।
वक्ताओं ने अपने ग्राहकों से खेद व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि उन्हें अपनी गैर वित्तीय मांगों को लिए हड़ताल पर जाने हेतु उच्च प्रबंधन की अड़ियल कर्मचारी विरोधी और संगठन विरोधी रवैये ने विवश किया है।
भर्ती के मुद्दे पर आगे बताते हुए कहा कि पिछले एक दशक में बैंक की 540 नई शाखाएं खोली गई हैं, बैंक के व्यवसाय में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है वहीं कर्मचारियों, अधिकारियों की संख्या में लगभग 9.16 प्रतिशत की कमी आई है, प्रबंधन ने नई शाखाओं के लिए भर्ती करने की बात तो दूर सेवानिवृत्त, मृत, निष्काषित कर्मचारी, अधिकारी की जगह भी भर्ती नहीं की, जिससे बैंक में शेष कर्मचारियों, अधिकारियों पर कार्य का बेतहाशा दबाव आ रहा है न केवल ग्राहक सेवा प्रभावित हो रही है अपितु कर्मचारी, अधिकारी के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है, आने का समय तो निर्धारित है परंतु जाने का नहीं। उपरोक्त सभी मांगों पर सभी संगठनों के समस्त सदस्यों द्वारा प्रात 11 बजे बैंक ऑफ महाराष्ट्र के क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर राईट टाउन के समक्ष एकत्रित होकर प्रबंधन के खिलाफ जंगी प्रदर्शन किया गया, प्रदर्शन में संजय खरे, संतोष गुप्ता, रितेश चतुर्वेदी, राहुल बिकरवार, सुमित विश्वकर्मा, अंकित अवस्थी, रणजीत शर्मा, पीयूष, सिद्धार्थ असाटी, यश प्रिया, निशा ने संबोधित किया तथा युवा साथियों, महिला साथियों की उपस्थिति रही।



