महिला सामूहिक विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न

जबलपुर दर्पण। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज), हैदराबाद ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर और परियोजना निदेशक एटीएमए (आत्मा) जबलपुर के सहयोग से एक दिवसीय ‘खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए महिला सामूहिक विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन‘ का आयोजन कृषि महाविद्यालय के सरदार वल्लभ भाई पटेल सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के ‘मुख्य अतिथि‘ विजय राजमोहन, निदेशक ( आई/सी जी-20), कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने भारत की कृषि महिलाओं द्वारा मोटा अनाज की उपयोगिता पर बल दिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा, जेएनकेवीवी, जबलपुर ने अपने संबोधन में घरेलू पोषण पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
श्री के.एस. नेताम संयुक्त निदेशक कृषि, किसान कल्याण एवं कृषि विकास निदेशालय, भोपाल, मध्य प्रदेश ने इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित किया और खाना पकाने की विभिन्न तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया, जो पोषक तत्वों के नुकसान को सुरक्षित करने में सहायक हैं। कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन सत्र से हुई। डॉ. विनीता कुमारी, उप निदेशक (लिंग अध्ययन) ने कार्यक्रम के गणमान्य व्यक्तियों और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों की महिला प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में कुछ तकनीकी सत्रों की मेजबानी की गई, जिसमें विभिन्न विषय विशेषज्ञों और विभिन्न श्रेणियों की महिला समूहों ने पैनल चर्चा में भाग लिया और विशेषज्ञ वार्ता की। वक्ताओं ने मुख्य रूप से खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में महिला समूहों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया और इस तरह के दृष्टिकोण से कुपोषण को दूर करने में मदद मिल सकती है और महिलाओं और उनके परिवार की आजीविका सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकती है। अंतर्राष्ट्रीय संगठन जीआईजेड, भारतीय संस्थान जैसे एसआईएईटी, एमपी, राज्य कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भोपाल और जबलपुर, एटीएमए और एमजीएसए, स्पंदन, दर्शन सेवा समिति और वेल्थुंगर लाइफ जैसे गैर सरकारी संगठनों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और तकनीकी सत्रों में अपने समूहों का प्रतिनिधित्व किया। कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पी. बी. शर्मा, कुलसचिव श्री रेवासिंह सिसोदिया, कृषि उपसंचालक डॉ.एस.के. निगम, डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता सहित सभी विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की महिला कृषक उपस्थित रही।



