ठेकेदारों की उदासीनता के चलते हेंडपंपो से नही मिल रहा पानी

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने बताया कि पी.एच.ई विभाग द्वारा नियुक्त किये गये ठेकेदारों की उदासीनता के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में नलकूप तो बनाए गये उसमें ट्यूबवेल डाला गया परंतु मषीन आज दिनांक तक चालू नहीं की गयी जिससे ग्रामीण स्कूलों के बच्चों को पानी पीने के लिए यहां वहां भटकना पड़ रहा है परंतु उन्हे बनाए गए हेंड पंपों का पानी पीने के लिए नसीब नहीं हो रहा है यह सिर्फ और सिर्फ पी.एच.ई विभाग की उदासीनता के चलते हो रहा है। विभिन्न स्कूलों में पहले से स्थापित हेंडपंपों में समरसिबल मोटर पंप डाले तो गए हैं किन्तु आज दिनांक तक चालू नहीं किए गए और कई स्कूलों में न ही हैंडवास यूनिट का निमार्ण किया गया और न ही टंकी से कनेक्सन किया गया है जिस वजह से न तो पहले की तरह हेंडपंप चल पा रहा है और न ही मषीन चालू की गई हैं जिस वजह से ग्रामीण स्कूलों के बच्चे पीने के पानी हेतु यहंा वहां भटक रहे है।
संघ ने आगे बताया कि शासन की योजनाओं के अन्तर्गत ग्रामीण स्कूलों में हेंडपंप लगवाए गए हैं जिससे बच्चों को पीने के पानी की दिक्कतें न हो क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनवाने, बच्चों को पीने का पानी, सौंचालय और साफ सफाई के लिए पानी की अतिआवश्यकता होती है ऐसे में पी.एच.ई विभाग द्वारा नियुक्त ठेकेदारों की लापरवाही के चलते आज दिनांक तक हेंडपंपों से पानी नही आ रहा जिससे शासन की योजनाओं के अंतर्गत हेंडपंप तो लग गये परंतु उनका सही उपयोग बच्चों के लिए नहीं हो पा रहा है। संघ के अफरोज़ खान, स्टेनली नॉबर्ट, सुनील झारिया, उमेंष ठाकुर, रवि जैन, रामलाल उईके, नीरज मरावी, दिनेष बिसेन, नेतराम उईके, सतीष धूमकेती ने मांग की है।



