न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेंणी ने सुनाया फैसला

सीधी जबलपुर दर्पण । न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेंणी सीधी सोनू जैन ने चेक अनादरण के मामले में आरोपी को 2 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ राशि देनी होगी। प्रतिकर राशि न देने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास पृथक से भुगताने का आदेश दिया है। न्यायालय ने प्रकरण क्रमांक 97/2019 में 19 नवंबर 2025 को जारी आदेश में कहा है कि परिवादी आनंद ट्रेडर्स प्रो. अशोक कुमार कामदार निवासी अमहा सीधी द्वारा आरोपी भोला सिंह पिता शिवप्रसाद सिंह सरपंच ग्राम पंचायत माटा, तहसील सेमरिया के विरुद्ध परिवाद दायर किया गया था। परिवाद में कहा गया था कि आरोपी भोला सिंह द्वारा 1 जुलाई 2019 को 17 लाख 70 हजार रुपए का चेक अपने भुगतान में दिया था। उक्त चेक बैंक खाते में अपर्याप्त राशि होने पर बाउंस हो गया। जिसके बाद आरोपी द्वारा आवश्यक राशि देने में लगातार हीलाहवाली की जाती रही। लिहाजा परिवादी को न्यायालय में परिवाद दायर कर न्याय की मांग करनी पड़ी। न्यायालय ने दोनो पक्षों के अधिवक्ताओं की दलील सुनवाई के दौरान सुनी और फैसला सुनाया। फैसला में कहा गया है कि आरोपी को उसके कृत्यों के लिए 2 वर्ष के साधारण कारावास से दंडित किया जाता है। इसके अतिरिक्त अभियुक्त को आदेशित किया गया कि परिवादी को मूल राशि 17 लाख 70 हजार एवं मूल राशि का चेक जारी करने दिनांक 1 जुलाई 2019 से निर्णय दिनांक 19 नवंबर 2025 तक 9 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज 10 लाख 16 हजार 755 रुपए कुल 27 लाख 86 हजार 755 रुपए अदा करेगा। प्रतिकर राशि न देने पर छ: माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताया जाए। परिवादी की ओर से सफल पैरवी जिला न्यायालय सीधी के वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज सिंह चौहान ने की।



