संतोष वर्मा का फूंका पुतला, चप्पल वर्षा कर जताया विरोध

सीधी जबलपुर दर्पण । अजाक्स के प्रदेश संयोजक आईंएएस संतोष वर्मा के वक्तव्य की बू नगरों -शहरों से गांव-गांव तक फैल रही है जहां सभी धर्म समुदाय ,समाज के लोग उस वक्तव्य की घोर निंदा करते हुए आहत और आक्रोशित हो रहे हैं। जिसका असर आज जिले के मझौली ब्लाक में देखने को मिला, जहां अखंड ब्राह्मण सेवा समिति व अधिवक्ताओं के अगुवाई में सैकड़ो की संख्या में पहुंचे संवर्ग समाज के लोगों ने संतोष वर्मा जो वर्तमान में उपसचिव मध्य प्रदेश शासन कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं का पुतला दहन करते हुए मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम मझौली आरपी त्रिपाठी को सौंप कर बर्खास्त करने एवं दंडात्मक कार्यवाही की मांग उठाई हैं।विदित हो कि 23 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में संतोष वर्मा द्वारा आरक्षण समाप्ति को लेकर विवादित वक्तव्य देते हुए कहा था कि जब तक ब्राह्मण अपनी बेटी दान में ना दे व सम्बन्ध न बनाएं तब तक आरक्षण खत्म नहीं होना चाहिए। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होते ही प्रदेश भर में घमासान मच गया, स्थिति यह हुई कि समाज को विखंडित करने वाले बयान के खिलाफ लोगों का आक्रोश नगरों -शहरों से गांव तक फैल गया है। इनके वक्तव्य से न केवल ब्राह्मण समुदाय आहत व आक्रोशित है बल्कि सभी सभ्य समाज के लोग आहत और आक्रोशित देखें जा रहें हैं। जिसको लेकर आज मझौली में अखंड ब्राह्मण सेवा समिति व अधिवक्ताओं के अगुवाई में सवर्ग के लोगों ने संतोष वर्मा का पुतला लिए तहसील कार्यालय पहुंचे जहां ज्ञापन पत्र एसडीएम मझौली आरपी त्रिपाठी को सौंपते हुए तहसील प्रांगण में संकट मोचन हनुमान जी के प्रतिमा के समक्ष पुतला दहन कर संतोष वर्मा मुर्दाबाद के नारे लगाए इस दौरान आक्रोशित लोगों ने संतोष वर्मा के पुतले को लात, चप्पल ,जूतों से पीटते देख गए। तथा हनुमान जी से मन्नत मांगे हैं कि ऐसे लोग जो समाज में वाणी की जहर घोल हिंदू सनातन धर्म में फूट डालने तथा सामाजिक समरसता को बिगड़ने का काम कर रहे हैं उन्हें अपने पैरों तले इस तरह मसल देना कि कभी वो मानव रूप में समाज में जन्म ना ले सके।
शासन के पत्र पर भी असंतोष-मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग ने संतोष कुमार वर्मा भाप्रसे,उप सचिव
मध्यप्रदेश शासन कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग को अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1969 के नियम 10 (1) (ए) के अंतर्गत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है, यह पत्र वायरल होने पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने इसे कार्यवाही के नाम पर लीपापोती बताया है, सोशल मीडिया में इस पत्र को लेकर
तरह तरह के कमेंट किए जा रहे हैं, सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि ऐसे कृत्य करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाही तत्काल करनी चाहिए। जिसको लेकर सरकार द्वारा जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है जिससे ब्राह्मण समाज के लोगों का ध्यान इस ओर से हट जाए।
इनका कहना है।
ब्राह्मण समाज के अगुवाई में ज्ञापन पत्र दिया गया है जो आईएएस संतोष वर्मा के विरूद्ध एफआईआर कराए जाने तथा विभागीय कार्यवाही कर पद मुक्त कराए जाने की संबंध में है ज्ञापन मूलतः कलेक्टर महोदय के माध्यम से राज्यपाल महोदय को प्रेषित किया जाएगा।
आरपी त्रिपाठी, एसडीएम मझौली।



