जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

संत अलायसियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गौर, महाविद्यालय में द्वि-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

जबलपुर दर्पण। सत अलायसियस इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गौर, महाविद्यालय जबलपुर में भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से सक्षम बनाने में विज्ञान, शिक्षा और प्रौद्योगिकी की भूमिका विषय पर दवि दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन उत्सव प्रेक्षालय में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर ईश्वरीय प्रार्थना एवं स्वागत गीत के साथ हुआ। कार्यक्रम में आये अतिथियों का स्वागत श्रीफल एवं शॉल देकर किया गया। इसके साथ ही महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेणु पाण्डेय द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया तथा कार्यक्रम संयोजक डॉ. रश्मि जयसवाल द्वारा सम्मेलन के उद्देश्य से अवगत कराया गया। इसके उपरांत महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका सुश्री शबनम अख्तर द्वारा लिखित पुस्तक (हिन्दी भाषा) का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बिशप जेराल्ड अल्मेडा (डायसिस ऑफ जबलपुर) एवं मुख्य वक्ता डॉ. किशोर रेवतकर तथा डॉ. रत्नेश तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की इसी कड़ी में संस्था के संरक्षक डॉ. फादर डेविस जॉर्ज द्वारा भाषण प्रस्तुत कर सम्मेलन का महत्व बताया कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए विज्ञान, शिक्षा और प्रौद्योगिकी विषय पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि बिशप जेराल्ड अल्मेडा द्वारा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए बताया गया कि भारत को आत्मनिर्भर बनाना चाहते है तो अपने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए अभिप्रेरित करना होगा। प्रथम दिवस के प्रथम तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. किशोर रेवतकर ( प्राचार्य, वी.वी. कॉलेज समुदरपुर सेक्रेटरी, एस.टी.ए. एम.आई.) द्वारा स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रभाव के साथ सतत विकास के लिए नैनो, विज्ञान में नवाचार विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। जिससे शोधार्थी लाभान्वित हुए। सम्मेलन के प्रथम दिवस में डॉ. हिमानी उपाध्याय (विभागाध्यक्ष, शिक्षा विभाग हवाबाग महाविद्यालय), डॉ. रैना तिवारी (चेयरमैन, शिक्षा विभाग, रा. दु. वि. वि. जबलपुर), डॉ. स्मिता श्रीवास्तव (प्राचार्या संत अलायसियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गौर), प्रो. ए.के. बाजपेई (पी. जी. कॉलेज, सिवनी), रवि कटारे (विभागाध्यक्ष, भौतिक विभाग, शा. साइंस कॉलेज, जबलपुर) उपस्थित रहे। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों एवं देश-विदेश के लगभग 300 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। रिसोर्स पर्सन के रूप में अहमद जे. उबैद (कूफा, ईराक), डॉ. विक्रम राजेंद्र अवाटे (अबूधाबी, अरब), डॉ. विकास दुबे (भिलाई, रायपुर), डॉ. देवाशीष भमिक (प्राचार्य, एस. आर. बी. टी. महाविद्यालय, मौदा), प्रो. वी. के. सिंह (सीईएमटी, झांसी), डॉ. सचिन कुमार गुप्ता (श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी जम्मू-कश्मीर), डॉ. रवि शंकर पाठक तथा डॉ. रत्नेश तिवारी (समन्वयक, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल, सी. वी. रमन वि. वि., बिलासपुर ) द्वारा अहम भूमिका निभाते हुए, सम्मेलन में उल्लेखित विषय पर विचार-विमर्श करते हुए शोधार्थियों के द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत कर लाभान्वित किया।द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. प्रदीप कुमार मल्लिक (केआईआईटी, वि. वि. जोडीसा) द्वारा वेब माइनिंग तकनीक पर आधारित वेब डेटा से ज्ञान की खोज के लिए एक अनुकूल दृष्टिकोण और अनुप्रयोग विषय पर चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान प्रतिभागियों द्वारा विज्ञान शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी आदि अलग-अलग विषयों पर रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए गए तथा पोस्टर प्रेजेटेशन भी किया गया । कार्यक्रम के द्वितीय दिवस के द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि स्टैनले सैमुअल (फाउंडर एंड सी. ओ. एस. ए. ए. एम. आर. टी. एच.) सम्मानीय अतिथि फादर जेम्स तथा संस्था के प्रशासक डॉ. फादर बेन एन्टेन रोज, डॉ. वी. के. सिंग, डॉ. रत्नेश तिवारी की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन सत्र में ईश्वरीय प्रार्थना की गई एवं अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेणु पाण्डेय द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन की दो दिवसीय रिपोर्ट डॉ. रश्मि जयसवाल द्वारा प्रस्तुत की गई। मुख्य अतिथि द्वारा भाषण प्रस्तुत कर कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की गई। इसके उपरांत संस्था के सरक्षक डॉ. फादर डेविस जॉर्ज द्वारा अपने वक्तव्य के माध्यम से सम्मेलन की उपयोगिता के विषय में अपने विचार व्यक्त किए गए। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया। सम्मेलन में मुख्य भूमिका डॉ. रश्मि जयसवाल (कार्यक्रम संयोजक), डॉ. अराधना धनराज (सह-संयोजक) एवं दिशा रामटेक की रही। सम्मेलन में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। सम्मेलन में सम्मिलित सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत मैं धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. वासु शर्मा (विभागाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग) द्वारा प्रस्तुत कर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88