मण्डला की बात फ़िर विधानसभा में गूंजी

जबलपुर दर्पण। मंडला जिले के निवास विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ अशोक मर्सकोले ने राज्यपाल के अभिभाषण बोलते हुए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा में बात रखी जिसमें बीजेपी के राजनीतिक रैली कार्यक्रम में गए15 कोल समाज के लोगों पर संवेदना व्यक्त करते हुए,मण्डला और मप्र के कई विषयों पर अपनी बात रखी, जिसमें मण्डला जिले में लिफ्ट सिंचाई बिजली पानी मेडिकल कॉलेज,शिक्षा स्वास्थ्य की जर्जर स्थिति पर बात और जबलपुर मण्डला रोड़ बबेहा पुल से एक्सीडेंट और चक्का जाम से परेशानी का जिक्र किया,,राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए निवास विधायक डॉ अशोक मर्सकोले ने मण्डला जिले का कार्यात्मक साक्षरता का विषय सदन में गूंजा सामान्य आवेदन और बैंक लेनदेन खातों में हस्ताक्षर चेंज किये जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के बिना जानकारी के शासन के पास गलत जानकारी दे कर वाहवाही लूटी गई मुख्यमंत्री से इसका जवाब देने की पुनः परीक्षण की बात कही ,संभवतः मुख्यमंत्री 2 तारीख़ को अपने संबोधन में जवाब देंगे।जब आज भी अंगूठा लगे आवेदन आ रहे हैं, सोसाइटी के पंजी रेजिस्टर में हस्ताक्षर की जगह अंगूठा है,जब रिकॉर्ड मांगा गया कि 15 अगस्त 22 से बैंकों में अंगूठा चिन्ह से लेनदेन वाले कितने खाताधारी हस्ताक्षर में परिवर्तित किये गए तो!कोई जवाब नहीं आया!कार्यात्मक साक्षरता का सर्टिफिकेट माननीय राज्यपाल महोदय और माननीय मुख्यमंत्री के माध्यम से मिला था अतः
विधायक ने अपने संबोधन में सदन में कहा कि इस विषय पर मैं न्यायालय भी जा सकता था, परंतु सदन में बात रखना और माननीय मुख्यमंत्री जी सामने बात रखना उचित समझा।बड़ा आश्चर्य होता है आज भी अंगूठे से लेनदेन है हर स्तर पर ,फ़िर साक्षरता का सर्टिफिकेट बिना थर्ड एजेंसी के जाँच के कैसे मिला, क्या सरकार अपना पीठ अपने आप थपथपाना चाहती है,,राज्यपाल के अभिभाषण में आये 5 करोड़ 18 लाख लोगों को गरीब बताया, जबकि मप्र की 7.5 करोड़ कीआबादी,, फ़िर विकसित प्रदेश कहाँ से हो गए, खोखले वादे है,,अभिभाषण के विरोध में बोलते हुए शिवराज सरकार को घेरते हुए पेसा के नाम आदिवासी महापुरुषो के नाम पर सिर्फ़ इवेंट आयोजनों को विकास बता रही है जो कि आदिवासियों को गुमराह करने जैसा है। बजट और आदिवासी विकास की कार्ययोजना चले जिले या प्रदेश में कहीं नहीं, फिर आदिवासी हितैसी कैसे हो गई सरकार??



