अंतरराष्ट्रीय तनाव का स्थानीय बाजार में असर या बहाना? उमरियापान में किराना व्यापारियों की मनमानी, तेल सहित जरूरी सामान महंगे, गैस सिलेंडर के लिए नए नियमों से उपभोक्ता परेशान

सतीश चौरसिया उमरियापान । विकासखंड ढीमरखेड़ा सहित उमरियापान में इन दिनों किराना बाजार और गैस वितरण व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है । इजराइल-ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय तनाव का हवाला देकर कुछ स्थानीय किराना व्यापारी आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ाकर बेच रहे हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है । उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से खाद्य तेल, दाल, मसाले, आटा, शक्कर सहित कई दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम अचानक बढ़ा दिए गए हैं । कई किराना दुकानों में तेल और अन्य सामान पहले की तुलना में अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है । जब ग्राहक कीमत बढ़ने का कारण पूछते हैं तो किराना व्यवसाई अंतरराष्ट्रीय हालात और बाजार में महंगाई बढ़ने का हवाला देते हैं । उपभोक्ताओं का कहना है कि अभी थोक बाजार में इतनी बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है, इसके बावजूद किराना दुकानदार कीमतें बढ़ाकर बेच रहे हैं । ग्रामीणों का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का डर दिखाकर कुछ व्यापारी मुनाफाखोरी कर रहे हैं । उमरियापान, ढीमरखेड़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई के कारण घर का बजट संभालना मुश्किल हो गया है । ऐसे में यदि आवश्यक वस्तुओं के दाम अचानक बढ़ा दिए जाएं तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है । बता दें ढीमरखेड़ा, उमरियापान गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर भी उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है । कई हितग्राहियों ने बताया कि गैस एजेंसी के संचालक सिलेंडर उपलब्ध न होने का बहाना बनाकर नए-नए नियम लागू कर रहे हैं । स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा, जबकि कई बार एजेंसी में जाकर भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है । उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर वितरण को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती और कभी स्टॉक खत्म होने तो कभी अन्य कारण बताकर लोगों को टाल दिया जाता है । इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं । स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में आवश्यक वस्तुओं के दामों की नियमित निगरानी होनी चाहिए ताकि कोई भी किराना व्यापारी मनमाने तरीके से कीमतें न बढ़ा सके । वहीं गैस वितरण व्यवस्था को भी पारदर्शी बनाने की जरूरत है, जिससे सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल सके । उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि उमरियापान के किराना दुकानों का निरीक्षण कर आवश्यक वस्तुओं के दामों की जांच की जाए । यदि कहीं कालाबाजारी, जमाखोरी या अनावश्यक मूल्य वृद्धि पाई जाती है तो संबंधित व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए । प्रशासन यदि समय रहते इस मामले में हस्तक्षेप करता है तो बाजार में अनावश्यक महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सकता है और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है । अन्यथा आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है, जिससे आम लोगों को आर्थिक रूप से और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा ।



