मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग से किया पत्राचार

जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2011 के बाद से अनेक माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम बनाए गए हैं इनमे प्रमुखता से कंप्यूटर सामग्री सहित अनेक अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए गए थे।कई शालाओं में विद्यार्थियों ने इसका बेहतर तरीके से लाभ उठाकर अध्यापन कार्य किया है।अनेक शालाओं में सक्रियता देखी गई है।अभी भी माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम बनाए जा रहे है।नए युग में यह समय की आवश्यकता है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि वर्ष 2011 में अनेक शालाओं में भेजे गए कंप्यूटर सामग्री सहित अनेक आधुनिक तकनीकी उपकरण खराब हो गए है जिनका अब कोई उपयोग नहीं हो रहा है पहले कुछ समय तक स्मार्ट क्लास रूम के लिए राशि आवंटित की जाती रही है जिसका सदुपयोग कम किया गया है। तीन वर्ष पहले तक खोले गए स्मार्ट क्लास रूम के लिए अब राशि आवंटित नहीं हो रही है।सभी बंद पड़े हैं। सामग्री इतनी खराब हो गई है कि इनका रख रखाव भी करना महंगा हो गया है इसलिए छात्रों के हित में स्मार्ट क्लास रूम के लिए अतिरिक्त राशि आवंटित की जाना चाहिए ताकि छात्र छात्राओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ स्मार्ट क्लास रूम के जरिए दिया जा सके।मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार वर्ष 2011 के बाद से खोले गए स्मार्ट क्लास रूम की देखरेख भी अधिकारी वर्ग के द्वारा नहीं की गई राशि आवंटित हुई थी लेकिन इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से जमा किए गए थे ऐसा अनेक शालाओं में किया गया था।कई शालाओं में आवंटित राशि का उपयोग भी किया गया था अच्छे से स्मार्ट क्लास रूम का संचालन भी किया गया था लेकिन उनको प्रोत्साहन नहीं मिला।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर, जी आर झारिया, भास्कर गुप्ता, ऋषि पाठक,दुर्गेश खातरकर, चंद्रभान साहू,अरविन्द विश्वकर्मा, आदेश विश्वकर्मा, आकाश भील, अजब सिंह, विश्वनाथ सिंह, इमरत सेन, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, नितिन तिवारी, डेलन सिंह, धर्मेंद्र परिहार, विष्णु झारिया,मदन पांन्द्रो, सुरेंद्र परसते, मनीष झारिया, अजय श्रीपाल, महेश मेहरा, अंजनी उपाध्याय, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे,रामकिशोर इपाचे, रामदयाल उइके,पवन सोयाम, कमलेश दुबे, सुधीर गौर, अनिल जैन, भागीरथ परसते, योगिता नंदेश्वर, राजेश्वरी दुबे, पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी, रेनू बुनकर, अर्चना भट्ट, शबनम खान, ब्रजवती आर्मो, अम्बिका हँतिमारे, पूर्णिमा बेन, सुमिता इंगले, गीता कोल, सरोज कोल इत्यादि ने मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल से मांग की है, कि वर्ष 2011 से वर्ष 2019 तक खोले गए स्मार्ट क्लास रूम के लिए अतिरिक्त राशि आवंटित की जाए ताकि इनको पुनः प्रारम्भ किया जा सके।



