जबलपुर में डिक्की के जोनल चैप्टर का गठन, एससी-एसटी उद्यमियों के बनेंगे क्लस्टर

डिक्की की फूड प्रोसेसिंग वर्कशॉप और स्टेट काउंसिल मीट में लिए गए अनेक निर्णय
जबलपुर दर्पण। दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के जबलपुर जोनल चैप्टर का आज गठन किया गया। डिक्की ने तय किया है कि वह एससी और एसटी वर्ग के उद्यमियों और युवाओं को क्लस्टर से जोड़ेगा। जबलपुर में 2 से 3 क्लस्टर पर डिक्की द्वारा काम किया जा रहा है। इसमें एक क्लस्टर फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री का होगा।
डिक्की के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री रविकुमार नर्रा, वेस्ट जोन कोऑर्डिनेटर श्री संतोष काम्बले और मध्यप्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष डॉ अनिल सिरवैया ने उपस्थिति में आज जबलपुर जोनल चैप्टर की घोषणा की। फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में एससी-एसटी उद्यमियों के लिए अवसरों पर कार्यशाला और डिक्की स्टेट कॉउंसिल मीट में जबलपुर के 150 ज्यादा उद्यमियों ने भाग लिया।कार्यशाला में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एजीएम श्री सोनी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य महाप्रबंधक श्री ज़िम्बरेश कुमार, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के संयुक्त संचालक आरएस कटारा, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विनीत कुमार रजक, जेएनकेवी के प्रोफेसर डॉ शुक्ला आदि वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्यमियों के मार्गदर्शन किया। डिक्की फ़ूड प्रोसेसिंग वर्टिकल के प्रमुख प्रशांत वर्मा ने भारत सरकार की फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री योजनाओं की विस्तार जानकारी दी। डिक्की कब उपाध्यक्ष पंकज पाटिल ने डिक्की के विगत छह माह का कार्यों औऱ उपलब्धियों के बारे में बताया।इसमे डिक्की के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री रविकुमार नर्रा ने संबोधित किया दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) की फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री वर्कशॉप और स्टेट काउंसिल में जबलपुर बहुत लोगो ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। वर्कशॉप में भाग लेने प्रदेश के एससी और एसटी वर्ग के चिन्हित उद्यमी और डिक्की के सदस्य भी उपस्थित रहे। डिक्की के राष्ट्रीय पद्मश्री रविकुमार नर्रा, पश्चिम भारत प्रमुख श्री संतोष कांबले तथा मध्यप्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. अनिल सिरवैयां, उपाध्यक्ष पंकज पाटिल और फूड प्रोसेसिंग वर्टीकल हेड प्रशांत वर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में केन्द्र एवं राज्य सरकार के अधिकारी, बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं प्रतिनिधि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के उद्यमी ने भी भाग लिया।
डिक्की जबलपुर के समन्वयक राजेश बुनकर ने बताया कि डिक्की के प्रयासों से देश और प्रदेश में एससी-एसटी वर्ग में उद्यमिता को प्रोत्साहन मिला है। भारत सरकार और मप्र सरकार डिक्की के साथ मिलकर इस दिशा में अनेक कदम उठा रही है। महाकौशल अंचल में कृषि और उद्यानिकी उत्पादनों के प्रसंस्करण इंडस्ट्री से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को जोड़ने के लिए अनेक योजनाएं बनाईं गईं हैं। वर्कशॉप में इन सभी योजनाओं और अधिकतम लाभ लेने पर चर्चा की गई।
डिक्की स्टेट काउंसिल के सदस्य और जबलपुर के प्रमुख व्यवसायी राजेन्द दहायत ने बताया संस्कारधारी में पहली बार डिक्की के स्टेट काउंसिल में नए पदाधिकारियों के नामों की घोषणा भी होगी। इस आयोजन से अंचल में एससी-एसटी उद्यमिता विकास का वातावरण तैयार किया गया।जबलपुर में डिक्की रिसर्च विंग के प्रमुख संगमराज सिंह ने बताया कि एससी-एसटी महिलाओं और युवाओं को नए अवसर देने के लिए अनेक पहलों पर काम किया जा रहा है। स्टेट काउंसिल मीट में कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के साथ-साथ परंपरागत शिल्प उत्पादों के एक्सपोर्ट के कारोबार से एससी-एसटी उद्यमियों को जोड़ने के रोडमैप पर विशेष रुप से चर्चा की गई।



