जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जॉइंट वेंचर एवं टी बी सी बी के माध्यम से हो रही निजीकरण प्रक्रिया का किया विरोध

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल अभियंता सघ के आह्वान पर म.प्र. की सभी विद्युत कंपनियों मे हो रहे निजीकरण प्रक्रिया जनरेशन कंपनी मे ज्वाइंट वेंचर और ट्रांसमीसन कंपनी मे टी. बी. सी. बी. पर रोक लगाने और मध्य प्रदेश के उर्जा विभाग की उत्तरवर्ती कंपनियों के पूर्ण स्वामित्व/आधिपत्य मे अधोसंरचना स्थापित करने की मांग को लेकर शक्ति भवन के गेट के सामने सैकड़ों अधिकारी कर्मचारी एकत्रित होकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा । निजीकरण की कार्यवाही के विरोध में प्रदेश के सभी ताप विद्युत गृह सहित जबलपुर मुख्यालय मे प्रदर्शन करते हुए माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा। इस अवसर पर विभिन्न वक्ता्ओं द्वारा प्रदेश सरकार द्वारा किये जा रहे निजीकरण को रोकने हेतु मांग की गई एवं जल्दबाजी में ज्वाइंट वेंचर व टी. बी सी बी के माध्यम से निजी कंपनी को न सौपा जाए। पावर सेक्टरों के संघठनों के इस प्रदर्शन ज्ञापन की व्यापकता का अंदाज शक्ति भवन गेट पर उपस्थित हजारों की संख्या में आक्रोशित विद्युत कर्मियों की उपस्थिति से लगाया जा सकता है ,इसमें भारी संख्या में महिला कर्मियों द्वारा बढचढकर भागीदारी की गई । इस दौरान न केवल मुख्यालय, पावर हाउस बल्कि शक्ति भवन जबलपुर एवं आसपास के क्षेत्रों सहित सभी विद्युत कंपनियों के समस्त् कर्मी उपस्थित हुए ।
श्री विकास शुक्ला ने अपने उदबोधन में बताया कि मध्य प्रदेश शासन का उपक्रम मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड मे अमरकंटक ताप विद्युत गृह हेतु नवीन इकाई की स्थापना मध्य-प्रदेश सरकार के पूर्ण स्वामित्व में न कराकर MPPGCL द्वारा SECL के साथ जॉइंट वेंचर हेतु MoU हस्ताक्षरित किया गया एवं यह निर्णय लिया गया है कि नवीन इकाई की स्थापना जॉइंट वेंचर कंपनी के माध्यम से किया जायेगा, जिसमे लगभग दोनों ही कंपनियों को 15-15% इक्विटी लगानी होगी। जबकि ज्ञात हो कि मध्य-प्रदेश शासन द्वारा गठित कमिटी ने दो इकाइयों (660MW X 2) को MPPGGL के पूर्ण स्वामित्व में स्थापना की अनुसंशा की थी। साथ ही यहां यह भी उल्लेख करना अनिवार्य होगा की इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार कर्मियों की सेवा शर्तों का ध्यान रखा जाना अनिवार्य है, किन्तु संघ के संज्ञान में आया है कि कथित MoU में कार्मिकों की सेवा शर्तों एवं करियर प्लानिंग का भी कोई जिक्र नहीं किया गया है। अमरकंटक नवीन परियोजना हेतु PPA (विद्युत क्रय अनुबंध) अनुमति‘ राज्य नियंत्रित/स्वामित्व वाली कंपनी’ होने एवं ‘मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार’ के कारण ही प्राप्त हुई है, जिसे एक प्राइवेट कंपनी के नाम पर स्थानांतरित कदापि नहीं किया जा सकता है ।यदि ऐसा किया गया तो उस परिस्थिति में जॉइंट वेंचर कंपनी द्वारा विद्युत क्रय अनुबंध म.प्र.पॉ.मै.कं.लि.के साथ TBCB (अर्थात प्रतिस्पर्धात्मकता) के माध्यम से प्राप्त करना होगा, अन्यथा की स्थिति में यह विद्युत मंत्रालय; भारत सरकार के उल्लेखित नियम का खुला उल्लंघन होगा।
श्री विकास शुक्ला ने कहा है कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिसन कंपनी लिमिटेड मे लगातार सब-स्टेशन और ट्रांसमीशन लाइनों को टी. बी. सी. बी. के माध्यमों से निजी हाथों मे दिया जा रहा है. जिससे ट्रांसमिशन कंपनी की अधोसंरचना मे लगातार गिरावट हो रही है। विदयुत कर्मियों के समस्त सेवानिवृत्ति लाभों के निष्पादन की प्रतिबद्धता राज्य शासन द्वारा अधिसूचित ट्रांसफर स्कीम के अन्तर्गत म.प्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी को सौंपी गयी है। जिससे विद्युत कर्मियों का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा। जबकि पारेषण कंपनी शासन के निर्देशानुसार हर साल लाभांश को वितरण कंपनी का राइटआफ कर रहा है। यह अत्यंत आवश्यक है कि सभी विदयुत कंपनियों को माननीय नियामक आयोग द्वारा निर्धारित विदयुत दरों के अनुसार भुगतान प्राप्त हो ताकि वे सुदृढ आर्थिक आधार पर कार्य करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन कर सके। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रबंध संचालक जनरेटिंग ओर ट्रांसमिशन कंपनी के माध्यम से श्री मुख्य अभियंता (मा सं एवं प्रशा) ट्रांसमिशन एवं श्री मुख्य अभियन्ता (मा सं एवं प्रशा जनरेटिंग) को ज्ञापन सौपा, ज्ञापन में श्री हितेश तिवारी अध्यक्ष अभियन्ता संघ, सुरेश त्रिवेदी, अनीश सिंघाई, उदित अग्रवाल, सोनू पांडेय, नेहा सिंह, नरेंद्र चन्देल, विकास श्रीवास्तव, प्रशांत सिंह भदोरिया, अंबिकेश शुक्ला, इक़बाल खान, जितेंद्र तिवारी, गरिमा सिंह, अणिमा उपाध्याय, शिल्पा गुप्ता, मेघा पोद्दार, स्मिता दत्ता, स्वाति सिंह, श्रेया घोष, मनीष श्रीवास, नवीन भारती नरेंद्र पटेल, अभिषेक खटीक, कविंद्र अहिरवार, मोहनीश वाडीवा, बिंदु झा, ऋषि शाही, सौरभ शुक्ला, कुशल जैन, दीपक कुमार, अजय सिंह, पिंटू यादव, गौरव साहू, श्री अमित हलदर, अजीत सिंह चौहान, अर्पित चौबे , अरुण जोठे, सुधीर द्विवेदी, अनिरुद्ध मेश्राम, अशोक कुमार, हरप्रीत सिंह, आदि सैकड़ों संख्या में अभियंता और कर्मचारी उपस्थित रहे

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