एकीकृत माध्यमिक शालाओं के प्रधान अध्यापकों को अतिशेष से मुक्त रखा जाए

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि एकीकृत माध्यमिक शालाओं का संचालन पूंर्णकालिक प्रधान अध्यापकों या फिर प्रभारी प्रधान अध्यापकों के द्वारा किया जा रहा है वहीं सभी शासकीय राषि एक ही मद में आती है एवं शासकीय आदेश एकीकृत माध्यमिक शालाओं के नाम पर आते है जिसे सुचारू रूप से क्रियान्वित प्रधान अध्यापकों के द्वारा ही किया जाता है ऐसे में यदि सिर्फ और सिर्फ माध्यमिक शालाओं में 6वी से 8वीं तक की दर्ज संख्या को मान कर यदि अतिशेष देखा जाएगा तो ज्यादातर एकीकृत माध्यमिक शालाओं के प्रधान अध्यापक अतिषेष हो जांएगे ऐसे में एकीकृत शालाओं का विधिवत संचालन करेगा कौन यह बहुत बड़ा सवाल शासन प्रषासन और विभाग के सामने है।
संघ ने आगे बताया कि जब किसी भी कार्य के लिए राषि कक्षा 1 से 8 तक एक मुष्त आती है और किसी भी प्रकार के प्रषासनिक आदेष भी एक ही नाम एकीकृत माध्यमिक शाला के नाम पर आते है तो ऐसे में हर माध्यमिक शालाओं में एक पूंर्णकालिक प्रधान अध्यापक का होना अतिआवष्यक है जिससे स्कूलों का सुचारूरूप से संचालन हो सके वहीं प्रभारी प्रधान अध्यापक को अपने विषय को पढ़ाना भी है ऐसे में पूंर्णकालिक प्रधान अध्यापक को किसी भी एकीकृत माध्यमिक शालाओं में अतिषेष न माना जाए बल्कि जहां प्रधान अध्यापक नहीं हैं वहां पद स्वीकृत कर पदांकन किया जाए। वहीं दूसरी तरफ हर जिले में एक या दो उर्दू शालाएं संचालित हो रही है ऐसे में उर्दू षिक्षकों को भी अतिषेष की सूची से दूर रखा जाए जिससे उर्दू शालओं का संचालन विधिवत चलता रहे क्योंकि ये षिक्षक यदि दूसरे स्कूलों में जाएंगे तो ये अपने अध्यापन कार्य के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे। संगठन ने मांग की है



