खिलाड़ियों के आंसुओं के सैलाब से भाजपा वह न जाए

जबलपुर दर्पण । दिल्ली में भारी बारिश हुआ और उसी बरसात में जंतर मंतर के आसपास दिन भर खिलाड़ी बच्चे और मेडल प्राप्त किए हुए पहलवान अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं जो एक सत्तापक्ष के सांसद के खिलाफ यौन शोषण एवं कुश्ती संघ के अनियमितताओं के मामले में अपनी आवाज को बुलंद कर रहे है सरकार के द्वारा किसी भी प्रकार का सहयोग न मिलने के कारण यह प्रकरण को पीड़ित पक्ष के द्वारा सुप्रीम कोर्ट ले जाया गया तब जाकर न्यायालय द्वारा दोषी के खिलाफ दिल्ली पुलिस को f.i.r. करने का निर्देश दिया गया तब जाकर उस सांसद के खिलाफ f.i.r. दर्ज किया गया परंतु अभी भी ना ही उनको गिरफ्तार किया गया और ना ही उनसे किसी प्रकार की पूछताछ की गई ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे पुलिस द्वारा मामले को लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है जो बच्चे और पहलवान देश को मेडल दिलावाने के लिए दिन रात एक कर देते हैं खून पसीना बहाते हैं और देश के गौरव के लिए मेडल प्राप्त करते हैं देश को गौरव वित करते हैं उन खिलाड़ियों के साथ अन्याय बर्दाश्त के बाहर है उन सभी को न्याय प्राप्त करने के लिए गिरते हुए पानी और कीचड़ में अपने परिवार से दूर रहकर आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा रहा है गिरते पानी में बीमार होकर न्याय पाने के लिए मजबूर है ऐसे विषम परिस्थिति में यदि वह खिलाड़ी बच्चों ने और पहलवानों ने पलंग और गद्दे का इंतजाम अपने संसाधनों से किया उसको भी पुलिस वाले अनुमति का बहाना करके उन तक पहुंचने से रोका गया बिजली पानी तो पहले ही बंद किया जा चुका है आखिर सरकार द्वारा उन सभी आंदोलन कारियो के मौलिक सुविधाओं से क्यों वंचित किया जा रहा है जबकि यह संसाधन स्वयं के द्वारा व्यवस्थित किया जा रहा है उस पर भी पुलिस के द्वारा अनुमति का बहाना लेकर उन सभी की आवाज को दबाने की कोशिश किया जा रहा ताकि आंदोलनकारी हार मान कर इस मुद्दे को छोड़ दें और चुपचाप अन्याय को सहने लगे वाह रे दिल्ली पुलिस कैसा खेल है तुम्हारा पुलिस चाहती तो स्वयं नैतिकता के आधार पर यह व्यवस्थाएं कर सकती थी परंतु आज के इस दौर में ऐसी उम्मीद लगाना उचित नहीं होगा यह बच्चे हमारे देश के बच्चे हैं हमारे देश के नाम रोशन करने वाले पहलवान हैं खिलाड़ी हैं उनके साथ घोर अन्याय किया जा रहा है सुनने में आया है उनके साथ मारा पी टी किया गया जिससे दो खिलाड़ियों को चोट भी लगी है ऐसा मेडल प्राप्त करने वाले बच्चों के साथ दूर व्यवहार बर्दाश्त के बाहर है एक वीडियो में खिलाड़ी महिला बजरंगी फोकआर्ट फूट-फूटकर रो रही है और आंसू बहा कर चीक चीक कर बोल रही थी आज हमारे साथ जो अन्याय हो रहा है ऐसे में कौन खिलाड़ी देश का नाम रोशन करेगा और देश को मेडल लाकर देगा परंतु सत्ता के मद में चूर सरकार और प्रशासनिक अधिकारी जिनको किसी भी प्रकार का फर्क नहीं पड़ रहा भारतीयों के साथ भी एक दुश्मनों जैसा व्यवहार और अपने ही देश की जनता के साथ कर रहे हो ऐसे सत्ता का अहंकार ठीक नहीं है यह घटना जिसने भी सुना उनकी आंखें पसीज गई इस घटना को सुनते ही रात को कुछ कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे थे परंतु पुलिस उन लोगों को वहां तक पहुंचने नहीं दिया और उन्हें गिरफ्तार करके वहां से दूर कर दिया कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माननीय राहुल गांधी जी ने इस घटना की घोर निंदा की और आंदोलन करने वाले बच्चियों और पहलवानों को डरो मत का नारा दिया और आंदोलन को समर्थन करते हुए पूरा कांग्रेस पार्टी उन सभी खिलाड़ियों के साथ रहने का आश्वासन दिया । वहीं दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री जी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का जो नारा देते है और उन सभी बच्चों को मेडल मिलने के बाद उपलब्धि के लिए फोटो खिंचवाने और सहानुभूति लूटने सबसे आगे खड़े हो जाते हैं आज उन्हीं के शासनकाल में बिटिया फूट-फूटकर रो रही है फिर भी प्रधानमंत्री जी शांत मुख दर्शक बंनकर बैठे हैं क्या प्रधानमंत्री जी आप ऐसी ही बेटियों को बचाएंगे सत्ता के मद और अहंकार में इतना भी ना डूबो अब तो शर्म करो जंतर मंतर पर रोने वाले बच्चे हमारे बच्चे हैं और देश के गौरव है और हमारे ही देश के पहलवान हैं उन सभी ने ना जाने कितने मेडल हमारे देश को दिलवाया है और देश को गौरव वित किया है आज उन सभी को रोना पढ़ रहा है कहीं उनकी आंसुओं के सैलाब से आप की सत्ता बहना जाए अब भी वक्त है शर्म करो देश की जनता आप की हर गतिविधियों पर नजर रखी हुई है जिस तरह टिकैत जी के आंसुओं ने जो सैलाब लाया था उससे मजबूर होकर आपको तीन कानून वापस लेने पड़े थे उन बच्चों के आंसुओं को भी याद कर ले कहीं पुनः वही स्थिति ना बन जाए यह बात जिला शहर कांग्रेस सेवादल महासचिव एवं प्रवक्ता जितेंद्र यादव ने कहा है



