पेशन नियम 1972 लागू कारने के लिए सरकार के खिलाफ विरोध सप्ताह के आयोजन

जबलपुर दर्पण। भारतीय मजदूर संघ का एन०पी०एस० विरोध सप्ताह भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ के आव्हान पर एवम् भारतीय प्रतीरक्षा मजदुर संघ के निर्देश पर 19/06/2023 से 24/06/2023 तक एन०पी०एस० को समाप्त कर सी०सी०एस० पेशन नियम 1972 (पुरानी पेंशन व्यवस्था) लागू कारने के लिए सरकार के खिलाफ विरोध सप्ताह के आयोजन के लिए श्रमिक संघ (मिले हाथ) ने एक बैठक यूनियन कार्यालय में आयोजित की जिसमें सरकार को इस गंभीर मामले पर सचेत होकर पुरानी व्यवस्था लागू करने की अपील की गई । यूनियन के महामंत्री श्री राकेश रजक एवम् अध्यक्ष श्री लक्ष्मी पटेल यह विरोध सप्ताह पूरे भारत में भारतीय प्रतीक्षा मजदुर संघ से संबधित यूनियनों द्वारा मनाया जायेगा । इन्होने बताया कि 01.01.2004 के पूर्व सरकारी कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के तहत सेवा निवृत्ति के समय सी०सी०एस० पेशन रूल 1972 के अन्तर्गत पेंशन देने की व्यवस्था थी जिसे भारत 22/01/2023 को सूचना जारी कर समाप्त कर दिया, नई पेशन स्कीम को लागु कर दिया है क्योंकि सरकार ने नई पेंशन योजना में कही पर न्यूनतम पेंशन की कोई गारंटी नहीं है 01/01/2004 से नई पेंशन योजना लागु होने के बाद कुछ कर्मचारी अभी रिटायर हुए हैं उन्हें 800/- रू से लेकर 2700/- रू की धनराशी पेंशन के रूप में प्राप्त हुई जबकि 01/01/2004 के पूर्व भर्ती कर्मचारियों को सेवा निवृत्ति में बाद पुरानी पेशन योजना के अन्तर्गत कम से कम 9000 + महगाई भत्ता के प्राप्त होता है । यूनियन के पदाधिकारीयों ने बताया की जिस समय एन०पी०एस० लागु की गई थी सरकार ने अश्वस्त किया था कि यह पेंशन स्कीम बहुत अच्छी है तथा इससे पुरानी पेंशन स्कीम से ज्यादा लाभ प्राप्त हो सकेंगा । जबकि परिणाम इस आश्वासन के विपरीत आ रहे है कर्मचारियों को यह पता ही नहीं है कि रिटायर मेंट के बाद मुझे कितनी पेंशन मिलेगी तथा बुढापा कैसे गुजरेगा इसलिए कर्मचारी लगातार एन०पी०एस० समाप्त कर पुरानी पेशंन योजना लागु करने की माँग कर रहें है कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए कुछ राज्य सरकारे जैसे राजस्थान, छत्तीसगढ, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, झारखंड, आदि ने कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेशन व्यवस्था लागू करने की घोषणा कर दी है । इस विरोध सप्ताह के माध्यम से हम केन्द्र सरकार से अपील करते है कि वह भी एन०पी०एस० को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की घोषणा करें । इस अवसर पर यूनियन के श्री अजय कुवर, मनोज धर्मजन, राजेन्द्र वर्मा, सदीप, रूपेश शर्मा राजेश कुशवाह, गौरिशंकर, अभिषेक साहू, राकेश पटेल, विकाश सिंह, गौरव, अतुल, उपस्थित रहें उन्होनें कर्मवारीयों से इस आंदोलन का सफल बनाने की अपील की।



