सर्वलोको में दुर्लभ है श्रीमद्भागवत कथा पुराण: स्वामी नरसिंह दास महाराज

जबलपुर दर्पण। श्रीमद् भागवत वह है जो स्वर्ग लोक सत्यलोक कैलाश तथा बैकुंठ में भी दुर्लभ है स्वर्गे सत्ये च कैलाशे वैकुंठे नास्त्ययं रस: जिसके श्रवण मात्र से जीव की मुक्ति हो जाती है अतः इसे सदा सर्वदा सुनना चाहिए । गुरु कृपा से ही श्रीमद्भागवत की कथा सुनने का सौभाग्य आप सभी को मिला है । जिसके श्रवण करने से श्रावक के साथ चराचर जगत का कल्याण होता है उक्त उद्गार नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज ने गीता धाम ग्वारीघाट में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा पुराण के व्दितीय दिवस की कथा में व्यासपीठ से कहे।
इस अवसर पर यजमान
सुषमा गोपी वल्लभ अग्रवाल ,चंदाबाई,
ताराचंद्र, संध्या अग्रवाल,
देवकी दुबे, रामप्यारी दुबे,
ओम प्रकाश ,कलावती पांडे,
शकुंतला, जुगल किशोर श्रीवास्तव ,रामसेवक ,मुन्नी बाई, रामैत्री बाई,
सुधा, अनिल कुमार उपाध्याय, कृष्ण गोपाल मिश्रा,
सीतादेवी ,राजेंद्र मिश्रा, मीना त्रिपाठी,
उमा तिवारी, सुधा यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही ।


