भक्तों के लिए परमात्मा करते हैं धराधाम में लीला : स्वामी नरसिंह दास जी

जबलपुर दर्पण। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर गीता धाम ग्वारीघाट में आयोजित
श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पंचम दिवस में नरसिंह पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी नरसिंह दास जी ने कहा निशीथे तम उदभूते जायमाने जनार्दने! अर्थात भगवान श्री कृष्ण का जन्म कंस के कारागार में मध्य रात्रि के समय हुआ यह परमात्मा अजन्मा होकर भी जन्म धारण करता है भक्तों को सुख देने के लिए भगवत्तत्व की व्याख्या करते हुए विशाल जनसमुदाय को संबोधित स्वामी जी ने कहा कि ईश्वर को अपना बना लेना चाहिए ईश्वर अपना बन जाता है जन्म देवकी ने दिया पर यशोदा ने अपना मान लिया तो श्रीकृष्ण नंद व यशोदा के बन गए । भक्तों के साथ धरती पर लीला करने के लिए भगवान सदैव तत्पर रहते हैं । भक्त की करूण पुकार सुनकर भगवान दौड़े चले आते हैं ।
व्यासपीठ पूजन अर्चन श्री जगतराम महाराज, आचार्य रामफल शास्त्री , जितेन्द्र शास्त्री, प्रवीण चतुर्वेदी ने कराया ।
श्रीमद्भागवत कथा के यजमान
सुषमा गोपी, वल्लभ अग्रवाल ,चंदाबाई
ताराचंद्र संध्या अग्रवाल
देवकी दुबे रामप्यारी दुबे
ओम प्रकाश कलावती पांडे
शकुंतला जुगल किशोर श्रीवास्तव रामसेवक मुन्नी बाई रामैत्री बाई
सुधा अनिल कुमार उपाध्याय कृष्ण गोपाल मिश्रा
सीतादेवी राजेंद्र मिश्रा मीना त्रिपाठी
उमा तिवारी सुधा यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही ।



