मार्गदर्षन के अभाव में छोटे बच्चे नहीं कर पा रहे उचित प्रदर्षन
जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेष जागरूक खेल संघ के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि प्रदेष की सभी माध्यमिक शालाओं में अध्यनरत छोटे-छोटे बच्चे जिनमें प्रतिभाएँ कूट-कूट कर भरी हुई हैं परंतु उन्हे जानने पहचानने और निखारने वाला कोई नहीं जिससे ये प्रतिभाएँ अपने आप में सिमट कर रह गयीं हैं इनका विकास नहीं हो पा रहा है न ही इन माध्यमिक शालाओं में कोई खेल षिक्षक पदस्थ है जिससे वह इन प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हे निखार सके। जिससे इन छोटे-छोटे बच्चों के पालकों को प्रायवेट क्लबों में बच्चों को अभ्यास हेतु भेजना पड़ता है। माध्यमिक शालाओं में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को खेल षिक्षक के पद पर पदांकित किया जाना चाहिए।
संघ ने बताया कि स्कूल एवं ओपन स्तर पर राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अंडर 14 याने 14 वर्ष और उससे कम उम्र के बच्चों को भी खेल कूद गतिविधियों में भाग लेने का मौका मिलता है ये बच्चे चाहे शासकीय शालाओं में या अषासकीय शालाओं में अध्ययनरत हैं इन्हे अभ्यास कराने हेतु स्कूलों में कोच या खेल षिक्षक नहीं मिल पाते इसलिए ये बच्चे अपना उत्कृष्ट प्रदर्षन करने से चूक जाते है।
संघ के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन, राममूर्ति पिल्ले, क्रिस्टोफर नरोन्हा, जीवन लाल रजक, धनराज पिल्ले, दिनेष गौंड़, राकेष श्रीवास, हेमंत ठाकरे, राजकुमार यादव, तेजभान सिंह, कुलदीप सिंह, शषि रमन स्वामी, सुधीर अवधिया, चमन श्रीवास्तव, मधुमिता हाज़रा, पूनम कुंड्डे, राजकुमार यादव, शषि रमन स्वामी, सुधीर अवधिया, अषोक राय, पवन पटेल, अजय मिश्रा, सपन जाट, मोदित रजक, बंटी रजक, रमन लोधी आदि ने मुख्य मंत्री महोद्य एवं षिक्षा मंत्री से मांग की है कि माध्यमिक शालाओं में भी खेल षिक्षकों की नियुक्ति की जाए एवं उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय माध्यमिक शालाओं में खेल षिक्षक बनाया जाए ताकि अंडर 14 के प्रतिभावान बच्चों को सही मार्ग दर्षन मिल सके और वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें।



