जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

शासकीय जमीन पर प्लाट का अनुबंध तैयार कर फर्जी जमीन ब्रिकी करने वालों के विरूद्ध धोखाधडी का प्रकरण दर्ज

जबलपुर दर्पण । पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री तुषार कांत विद्यार्थी (भा.पु.से.) से इंद्रजीत सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी मूल निवासी आफसाबाद जिला फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) ने शिकायत की कि वह आयुध निर्माणी भंडार जबलपुर में कार्यरत है एवं वर्तमान में वार्ड नं. 7, करौंदी थाना राँझी में रहता है। आवास की आवश्यकता होने पर वह प्लाट लेने के लिये प्रयासरत था। एक दिन वह कार्यालयीन कर्मचारी को उसके घर छोडने गया था जहॉ उनके घर में चाय पीने के दौरान एक व्यक्ति ने अपना नाम दीपक यादव बताते हुये बताया कि गनपत मिश्रा निवासी बजरंग नगर थाना राँझी के व्दारा प्लाटिंग का कार्य किया जा रहा है। । तब दीपक यादव ने उसे गनपत मिश्रा से मिलवाया, गनपत मिश्रा ने बताया गया कि मेरी जमीन मौजा बिलपुरा तहसील रांझी में स्थित है जिसमें मैं प्लाटिंग कर रहा हूँ, मैं आपको उसमें एक प्लाट 500/प्रति वर्ग फुट के हिसाब से दे दूँगा । उसने 1000 वर्ग फुट के प्लाट लेने की बात की । गनपत मिश्रा ने प्लाट जिस पर प्लाटिंग का काम चल रहा है दिखाया, खसरा नं. 680 रकबा 0.680 हेक्टेयर मे से 1000 वर्ग फुट अर्थात 25 बाय 40 का प्लाट बुक किया। जिसके एवज में उसने गनपत मिश्रा को 51000/-रुपये नगद दिनाँक 07/02/2020 को दिये एग्रेीमेंट गनपत मिश्रा के व्दारा सुमित कश्यप नाम के व्यक्ति के साथ करवाया गया और यह बताया गया कि इस भूमि में ये मेरे पार्टनर हैं। शेष राशि 5,50,000/- रुपये रजिस्ट्री के समय दिये जाने की बात हुई थी। उसने रजिस्ट्री करवा कर कब्जा देने के लिये कहा तो गनपत मिश्रा ने कहा कि आप पहले बाकी पैस दे दो तब रजिस्ट्री करा कर कब्जा दे दिया जाएगा । तो उसने दिनाँक 18/3/2020 को पंजाब नेशनल बैंक शाखा सी. ओ. डी. का 3,00000/-एवं दिनाँक 17/6/2020 को 2,00000/- का चैक दिया । यह राशि माँ नर्मदा एसोसियेट से नाम से जिसका संचालक गनपत मिश्रा है के खाते में ट्राँसफर हुई तब गनपत ने उसे दिनाँक 26/6/2020 को प्रशांत त्रिवेदी निवासी नरसिह नगर राँझी स्े मिलवाया तब पता चला कि जिस भूमि की रजिस्ट्री की जानी है उक्त भूमि खसरा नं. 680,रकबा 0.680 हेक्टेयर मौजा बिलपुरा तहसील राँझी में स्थित है के भूमि स्वामी है। प्रशाँत त्रिवेदी ने उसके नाम पर रजिस्ट्री करवायी और रजिस्ट्री की कापी उसे गनपत मिश्रा ने छह माह में दी और उससे रजिस्ट्री के नगद राशि 1,10000/-रुपये तथा 40,000/- रुपये की राशि फोन पे के माध्यम से नामांतरण करवाने के लिये लिये गये। उसनेे भूमि पर कब्जा माँगा तो गनपत मिश्रा के व्दारा कहा गया कि सीमांकन करवा लें उसके बाद आपको कब्जा दे दिया जाएगा । काफी दिन प्रयास करने के बावजूद उसेे भूमि पर कब्जा नही दिया गया । तब उसने स्थानीय लोगो से संपर्क किया तो पता चला कि जिस प्लाट पर खडा करवा कर उसकी फोटो गनपत मिश्रा ने खिचवायी थी वह खसरा नं. 682 है। जो कि म. प्र. शासन के नाम दर्ज है। गनपत मिश्रा, सुमित कश्यप एवं प्रशांत त्रिवेदी ने षडयंत्र पूर्वक राशि लेकर हडप ली है। उसकी शासकीय भूमि पर फोटो खिचवाकर रजिस्ट्री खसरा नं. 680 के 1000 वर्ग फुट के प्लाट कीें की गयी है। जिसका नामाँतरण भी उसके नाम पर खसरा नं. 680 में हो चुका है। लेकिन उक्त खसरे में कोई भी भूमि प्लाट के रुप में शेष नही है। जब उसने गनपत मिश्रा से इस संबंध में चर्चा करने उनके घर गया तो गनपत मिश्रा ने गाली गलौच की एवं जान से मारने की धमकी दी और गनपत ने सुमित कश्यप को भी बुला लिया और सुमित ने भी उसके साथ गाली गलौच कर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि तू बाहर का है, यहाँ से जिंदा नही जाएगा ।
गनपत मिश्रा एवं सुमित कश्यप तथा प्रशांत त्रिवेदी तीनो ने मिलकर सात लाख रुपये प्लाट देने के नाम पर हडप लिये हैं रूपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। प्लाट के फर्जी दस्तावेज बनाकर उसे बेचा गया है।

 

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