जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

समाजसेवी बाबू स्व. श्री शिवलाल घनघोरिया जी की स्मृति आयोजित रामकथा

जबलपुर दर्पण। जबलपुर संस्कारधानी के पूर्व क्षेत्र में भगवान श्री राम की अपूर्व रामकथा रस माधुरी का रसपान कराते हुए युग तुलसी पं. रामकिंकर जी महाराज की मानस पुत्री पूज्य मंदाकिनी दीदी ने भावपूर्ण वातायन में कहा कि सनातन धर्म का निचोड़ गोस्वामी जी के मानस में किया हैं। जिसका युग तुसली से विश्लेषण किया गया हैं। आपने कहा कि राम पूर्ण ब्रह्म हैं, वे उस युग में भी शाश्वत थे और आज भी शाश्वत हैं। एक व्यक्ति के बैठने से राम राज्य नहीं आ जाता। जब तक रावण राज्य समाप्त नहीं हो जाता, तब तक रामराज्य संभव नहीं। दशरथ और रावण राज्य तो एक साथ हो सकता है परन्तु राम के साथ नहीं । युग तुलसी ने चिंतन दिया कि रावण किसी व्यक्ति का नाम नहीं, रावण एक वृत्ति हैं। रावण-मोह का प्रतीक है, कुंभकर्ण अंहकार और मेघनाथ काम वृत्ति का प्रतीक हैं। वही राम सबके मित्र हैं। वे तो वानरों को भी अपना सखा कहते हैं। समाज सेवी बाबू जी स्मृति पुंज शिवलाल घनघोरिया जी की पुण्य स्मृति में सामुदायिक भवन बाई का बगीचा परिसर में पंच दिवसीय “रामकथा के द्वितीय दिवस पर अमृतमयी वाणी से मानस विदुषी डॉ. मदाकिनी दीदी ने हनुमानलला, सुग्रीव, शूर्पणखा के साथ ही जटायू की भूमिका को विस्तार पूर्वक श्रोताओं के समक्ष इस भाव से प्रकट किया कि श्रोता रस विभोर हो उठे। इस अवसर पर विशेष रूप से सिने अभिनेता आशुतोष राणा जी उपस्थित रहें ।

व्यासपीठ पूजन- स्वागत भजन कथारंभ के पूर्व आयोजन संयोजक विधायक श्री लखन घनघोरिया, श्रीमति कस्तूरी देवी, श्रीमति कृष्णा घनघोरिया, श्री यश घनघोरिया ने व्यास पीठ का पूजन कर मानस विदुषी का स्वागत किया। इस अवसर पर कथा श्रवण करने पधारे दमोह से श्री मनु मिश्रा, सर्वश्री भारतसिंह यादव, डॉ. रमाकात रावत, अभिषेक चौकसे, सम्मति सैनी, मनोहर घनघोरिया, राजेन्द्र कुकरेले, दिनेश यादव, लक्ष्मी घनधोरिया, राम दुबे आदि ने डॉ. मंदाकिनी दीदी का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। संचालन श्री साकेत नंदा ने किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88