जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वान अपनी मांगों को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में धरना

जबलपुर दर्पण। इन अतिथि विद्वानों का कहना है की भोपाल में अतिथि विद्वानों की महापंचायत में रिक्त पद के विरुद्ध अतिथि विद्वानों के लिए घोषणाएं होती रही और दूसरी और जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वानों को महापंचायत में बैठने तक का मौका नहीं दिया गया,ये अतिथि विद्वान मुख्यमंत्री आवास के बाहर आस लगाए बैठे रहे ही होने वाली घोषणाएं हमारे लिए भी होगी उनका लाभ हमें भी मिलेगा परंतु मुख्यमंत्री जी द्वारा इनका जिक्र तक नहीं किया गया।
डॉ. नीलिमा जिला प्रभारी जबलपुर जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वान संघ का कहना हैं की हमारी नियुक्ति उच्च शिक्षा विभाग के मापदंडों अनुरूप हुई है साथ ही हम उन विषयों को पढ़ाते है जिनमे प्रदेश के अधिकांश विद्यार्थी प्रवेश लेते है तो हमारे साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों किया गया।

इसी बात से नाराज चल रहे महाविद्यालयीन स्ववित्त जनभागीदारी अतिथि विद्वानों ने मोर्चा खोला है।
मध्य प्रदेश के सभी जन भागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वान दिनांक 22/09/2023 को सामूहिक रूप से अपनी मांगों के संदर्भ में प्रदेश की राजधानी भोपाल में नीलम पार्क में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन दिया इस प्रदर्शन में प्रदेश के सभी कॉलेजों से अतिथि विद्वान भोपाल पहुचें।
साथ ही मुख्यमंत्री महोदय के निवास पर जाकर मुख्यमंत्री जी के नाम का मांग पत्र विशेष कर्तवस्थ अधिकारी को सौंपा,उच्च शिक्षा मंत्री जी के यहां जाकर भी मांग पत्र सौंपा
जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वानों की प्रमुख मांग है कि मुख्यमंत्री जी द्वारा अतिथि विद्वानों की महापंचायत में जो घोषणा रिक्त पदों पर कार्यरत अतिथि विद्वानों के लिए की वह अतिथि विद्वानों में भेद किए बिना हम जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वानों पर भी लागू की जाए ।
मांगे निम्न है –

  1. रिक्त पदों पर कार्यरत अतिथि विद्वानों के लिए माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा बुलाई गई महापंचायत में की गई घोषणाओं एवम जारी किए जाने वाले नियम एवम निर्देशो को जनभागीदारी स्ववित्तअतिथि विद्वानों पर भी लागू किया जाए।
  2. जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वानों का कार्यकाल (12 माह) एवम वेतनमान रिक्त पदों पर कार्यरत अतिथि विद्वानों के समान किया जावे।
  3. लोक सेवा आयोग आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक चयन परीक्षा में जनभागीदारी स्ववित्त से पढ़ाने वाले अतिथि विद्वानों के अनुभव अंक भी मान्य (सम्मिलित) किए जाने का आदेश जारी किया जाए ।
    4.स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों के साथ परंपरागत पाठ्यक्रमों में वर्तमान समय में जनभागीदारी मद से नियुक्त अतिथि विद्वानों के लिए लिए पद सृजित कर उन पदों पर वर्तमान में कार्यरत जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वानों को अधिगृहित कर उन्हे नियुक्ति प्रदान की जावे।
  4. जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वानों को योग्यता के आधार आप भेद न करते हुए वेतनमान दिया जावे
  5. जनभागीदारी स्ववित्त अतिथि विद्वानों के लिए श्रम कानूनों के पालन हेतु महाविधालयओ को निर्देश दिया जाए
  6. जनभागीदारी स्ववित्तीय अतिथि विद्वानों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जावे

दो तरह के अतिथि विद्वान –
प्रदेश में सरकारी कॉलेजों में दो तरह के अतिथि विद्वान कार्य करते है, एक तो प्रदेश कॉलेजों में चलाए जाने वाले रोजगारोन्मुखी विषयों के साथ साथ परंपरागत विषयों में जनभागीदारी मद से नियुक्त होने वाले अतिथि विद्वान है एवम दूसरे रिक्त पदों पर कार्य करने वाले अतिथि विद्वान।दोनो ही तरह के अतिथि विद्वानों की नियुक्ति उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तय किए गए मापदंडों के तहत हुई है।

धरना प्रदर्शन में डॉ. विनोद खाकरे,डॉ. मनोज तारे,डॉ.धर्मेंद्र जाट,डॉ. योगिता सोनी, मोनिका बबेले सविता तिवारी अर्जुन शुक्ला दुर्गा मिश्रा सुधीर सिंह चंदेल चंद्रकांत सौरभ राय मनीष गुजराती सुशील ठाकरे विजेंद्र विश्वकर्मा अजय सिंह रजक संध्या श्रीवास निशा चौरे स्वाति सिंह अमृता सिंह जाटव रंजना मिश्रा मनीषा राठी पायल श्रीवास्तव विनोद कुमार लोधी श्रद्धा खापरे प्रतिभा श्रीवास्तव फरहत प्रवीण अंसारी पूजा जैन साथ प्रदेश के लगभग 2000 अतिथि विद्वान उपस्थित रहे।

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